देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे यानी अवस्थापना विकास और आपदा राहत कार्यों को रफ्तार देने के लिए 8.61 करोड़ रुपये की बड़ी वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री द्वारा दी गई इस मंजूरी के बाद शासन ने इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश भी जारी कर दिया है। इस सरकारी फैसले का सीधा लाभ आपदा से प्रभावित परिवारों और स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिससे सुदूर इलाकों में कनेक्टिविटी और सुरक्षात्मक बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सकेगा।
स्वीकृत की गई कुल धनराशि में से देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत होने वाले बंच केबिल कार्य के लिए 4.92 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस बजट से क्षेत्र में बिजली व्यवस्था और संबंधित केबल नेटवर्क को आधुनिक और सुरक्षित बनाया जाएगा। इसके अलावा, एक बड़ा हिस्सा उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास और मदद पर खर्च किया जा रहा है, जिन्होंने प्राकृतिक आपदा के कारण अपने आशियाने खो दिए हैं।
मुख्यमंत्री राहत कोष से विशेष रूप से उत्तरकाशी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा के कारण पूरी तरह से नष्ट हुए 123 आवासीय भवनों के प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत दी गई है। इसके तहत उत्तरकाशी जिले की भटवाड़ी तहसील के तहतधराली व हर्षिल, डुंडा तहसील के चिन्यालीसौड़, बड़कोट और मोरी क्षेत्र में चिन्हित किए गए प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद पहुंचाई जाएगी।
जारी शासनादेश के अनुसार, इन सभी प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए प्रति भवन 3 लाख रुपये की दर से कुल 3.69 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने इस वित्तीय सहायता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि राज्य सरकार आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रभावित परिवारों को समयबद्ध तरीके से सीधे राहत उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही प्रदेश के दुर्गम और मैदानी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार निरंतर धरातल पर कार्य कर रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत बजट का सही समय पर और पारदर्शिता के साथ इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए ताकि जनता को तुरंत राहत मिल सके।

