उत्तराखंड के उच्च शिक्षा विभाग ने सरकारी डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य को संवारने और उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए एक बेहतरीन पहल की शुरुआत की है। राज्य के सरकारी डिग्री कॉलेजों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर ‘कंप्यूटर लैबोरेट्रीज कम टेस्टिंग सेंटर’ स्थापित किए जाएंगे।
इस योजना के तहत केंद्रों को दो शिफ्ट में संचालित किया जाएगा, जहाँ सुबह की शिफ्ट में छात्र और फैकल्टी दोपहर दो बजे तक इन सेंटरों का उपयोग मुफ्त कंप्यूटर कोर्स और लैब के रूप में कर सकेंगे। वहीं, दोपहर दो बजे के बाद सेंटर का संचालन करने वाली निजी कंपनी इसका व्यावसायिक उपयोग करेगी, जिसके तहत शाम की शिफ्ट में छात्रों को नामी एडटेक कंपनियों और आईटी प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा दी जाएगी।
उच्च शिक्षा निदेशक वीएन खाली के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए देश की प्रतिष्ठित पंजीकृत कंपनियों, एलएलपी, एनजीओ और एडटेक संस्थाओं से आवेदन मांगे गए हैं। इन अत्याधुनिक केंद्रों का दोहरा लाभ यह होगा कि इन्हें भविष्य में ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा केंद्रों के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को ऑनलाइन परीक्षाएं देने के लिए बड़े शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा और उन्हें अपने घर के नजदीक ही परीक्षा केंद्र की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

