ढोल बजते रहे, कलाकार तरसते रहे! संस्कृति विभाग में ‘अपनों’ पर मेहरबानी होती रही…….

देहरादून। “अंधा बांटे रेवड़ी, अपने अपनों को दे”-यह कहावत उत्तराखंड के संस्कृति विभाग की मौजूदा तस्वीर…