देहरादून में आयोजित एक बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून की शुरुआत से पहले सभी नालों और नालियों की कम से कम दो बार पूरी तरह सफाई सुनिश्चित की जाए। मंत्री का मानना है कि समय रहते सफाई होने से शहरों में जलभराव जैसी गंभीर स्थितियों को पैदा होने से रोका जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मानसून की अवधि प्रदेश के लिए भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण होती है, इसलिए किसी भी संभावित बाढ़ या आपदा से निपटने के लिए सभी आवश्यक उपकरण और संचार संसाधन हर समय कार्यशील अवस्था में होने चाहिए। साथ ही, पुलिस, SDRF और NDRF जैसी एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है ताकि रिस्पांस टाइम को कम से कम किया जा सके।
ट्रैकर्स की सुरक्षा के लिए नई SOP अनिवार्य
राज्य में बढ़ती ट्रेकिंग गतिविधियों को देखते हुए सरकार अब ट्रैकर्स की सुरक्षा को लेकर एक सख्त नीति बनाने जा रही है। मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि ट्रेकिंग पर जाने वाले हर व्यक्ति का पूरा विवरण संबंधित एजेंसियों और USDMA के पास दर्ज होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, ट्रैकर्स के लिए जीपीएस और अन्य संचार उपकरण अपने पास रखना जरूरी किया जाएगा ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में उनकी सटीक लोकेशन को ट्रैक कर उन्हें तत्काल सहायता पहुँचाई जा सके। विभाग को इन सभी सुरक्षा मानकों को शामिल करते हुए एक विस्तृत एसओपी तैयार करने का आदेश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए खाद्यान्न और ईंधन का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश भी जारी किए हैं।

