देहरादून। उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल में बुधवार देर रात हुए एक दर्दनाक हादसे में कंक्रीट का भारी-भरकम स्लैब गिरने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। इस गंभीर घटना को संज्ञान में लेते हुए उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने के सख्त आदेश जारी किए हैं, जिसका सीधा असर टनल निर्माण की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यरत एजेंसियों की जवाबदेही पर पड़ने वाला है।
जिलाधिकारी ने इस उच्च स्तरीय जांच की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी को सौंपी है और उन्हें जांच अधिकारी नामित किया है। जांच अधिकारी को पूरे घटनाक्रम की गहनता से पड़ताल कर आगामी 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत और स्पष्ट रिपोर्ट प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
इस मजिस्ट्रियल जांच के दायरे में हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के साथ-साथ निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की भी समीक्षा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, भविष्य में इस तरह की जानलेवा और गंभीर घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए आवश्यक उपायों का भी कड़ाई से परीक्षण किया जाएगा।
निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग के भीतर हुए इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले अभागे मजदूर की पहचान झारखंड राज्य के बोकारो निवासी नरेश गंजू के रूप में की गई है। इस आकस्मिक मौत के बाद टनल के भीतर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर और तीखे सवाल खड़े होने लगे हैं।
हादसे से आक्रोशित साथी श्रमिकों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक का आरोप उठाते हुए तुरंत काम बंद कर दिया, जिसके कारण सिलक्यारा सुरंग में दूसरे दिन भी निर्माण कार्य पूरी तरह ठप रहा। आंदोलनरत श्रमिकों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और टनल के भीतर सुरक्षा उपायों को बेहद मजबूत करने की पुरजोर मांग उठाई है।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम बड़कोट ने तत्काल मौके पर पहुंचकर वर्तमान स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने निर्माण एजेंसी एनएचआईडीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों, संबंधित कंपनी के कर्मचारियों और वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शी श्रमिकों से बातचीत कर घटना के संबंध में प्रारंभिक जानकारी जुटाई।
सुरंग का संचालन करने वाले कंपनी प्रबंधन ने प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की सूचना तत्काल मृतक मजदूर के परिजनों को दे दी गई थी। परिजनों को सूचित किए जाने के बाद कानूनी प्रक्रियाओं के तहत शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को समय पर पूरा किया गया।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने इस मामले में सभी संबंधित सरकारी विभागों और निर्माण से जुड़े अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे जांच अधिकारी को सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में पूरा सहयोग दिया जाए ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच प्रक्रिया को पूर्ण किया सके।

