Dehradun: ‘सशक्त बहना उत्सव’ में झलका अपनापन, महिलाओं ने CM धामी को दिया ‘बड़े भाई’ का दर्जा

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘सशक्त बहना उत्सव’ के तहत प्रदेश की स्वरोजगारी महिलाओं के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के जरिए आत्मनिर्भर बनने के अपने सफर और जीवन में आए बदलावों को साझा किया।

संवाद का सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला, जब डोईवाला की एक महिला ने मुख्यमंत्री को ‘बड़ा भाई’ बताया। वहीं, पौड़ी गढ़वाल की महिला ने इस रिश्ते को ‘गुरु-शिष्य’ की संज्ञा देते हुए कहा कि सरकार के मार्गदर्शन ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया है।

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डोईवाला की महिला ने बताया कि सरकारी मदद से उनके समूह ने मसाले, अचार और धूपबत्ती बनाने का काम शुरू किया था। आज उनकी मसाला यूनिट का मासिक टर्नओवर 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जिससे 10 से 15 महिलाओं को सीधा रोजगार मिल रहा है।

समूह ने अब दाल-बड़ी बनाने की नई यूनिट भी स्थापित की है। इसके अलावा, सरकार से मिली 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की बदौलत उन्होंने एक कैंटीन भी शुरू की है। महिला ने कहा कि प्रदेश की बहनें मुख्यमंत्री में एक सच्चा भाई देखती हैं।

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पौड़ी गढ़वाल की महिला ने ‘राधे-राधे’ के साथ अपनी बात शुरू की। उन्होंने बताया कि पहले संसाधनों और आत्मविश्वास की भारी कमी थी, लेकिन सरकारी मदद मिलने के बाद उन्होंने बकरी पालन को अपना आधार बनाया।

वर्तमान में उनके समूह की महिलाएं सिलाई के साथ-साथ अचार, धूपबत्ती, होली के प्राकृतिक रंग और हस्तनिर्मित राखियां बनाकर बाजार में बेच रही हैं। उन्होंने कहा कि आज वे जिस मंच पर बैठकर अपनी कहानी सुना पा रही हैं, वह सरकार के सहयोग का ही नतीजा है।

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सशक्त बहना उत्सव में सामने आई ये कहानियां साबित करती हैं कि सरकारी योजनाएं महिलाओं के लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि स्वाभिमान की नींव बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री और मातृशक्ति के बीच दिखा यह जुड़ाव योजनाओं से आगे बढ़कर एक आत्मीय रिश्ते को दर्शाता है, जो प्रदेश की महिलाओं को स्वावलंबन से सशक्तिकरण की ओर ले जा रहा है।