खराब मौसम के कारण पौड़ी में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से न पहुंच पाने के बाद, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पंतनगर एयरपोर्ट से वापस दिल्ली जाकर इस सभा को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। करीब 22 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अग्निपथ योजना देश की सेनाओं की नींव को कमजोर करने वाली है और कांग्रेस इस पूरे सिस्टम के सख्त खिलाफ है।
उन्होंने वादा किया कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनते ही इस योजना को तुरंत समाप्त कर दिया जाएगा और सेना में पहले की तरह पुरानी व नियमित भर्ती प्रक्रिया को बहाल किया जाएगा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि वर्तमान योजना में अग्निवीरों को मात्र चार साल के लिए भर्ती किया जा रहा है और यदि कोई अग्निवीर शहीद होता है, तो देश उसके परिवार को कोई सुरक्षा या सहायता नहीं देगा।
उन्होंने केंद्र सरकार पर रक्षा बजट को सेना और सैनिकों की भलाई में लगाने के बजाय पूंजीपतियों की जेब में डालने का भी आरोप लगाया और कहा कि उत्तराखंड के लोगों का सेना से एक विशेष और नैतिक जुड़ाव रहा है जिसे यह योजना कमजोर कर रही है। इस वर्चुअल सभा को पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने भी संबोधित किया।
पौड़ी दौरे के दौरान राहुल गांधी का दिवंगत अंकिता भंडारी के परिजनों से मिलने का भी कार्यक्रम था, लेकिन वहां न पहुंच पाने के कारण उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए अंकिता की माता सोनी देवी और पिता सुरेंद्र भंडारी से बातचीत की। लगभग ढाई मिनट की इस बातचीत में नेटवर्क की दिक्कतों के कारण पूरी बात तो नहीं हो पाई, लेकिन राहुल गांधी ने पीड़ित माता-पिता को सांत्वना देते हुए किसी भी समय दिल्ली स्थित उनके आवास पर आने का न्योता दिया।
उन्होंने अंकिता भंडारी के माता-पिता को भरोसा दिलाया कि वे हर समय उनकी मदद के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके अलावा खराब मौसम के चलते उनका कोटद्वार में मोहम्मद दीपक के जिम में जाने का कार्यक्रम भी रद्द करना पड़ा, जिससे क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में थोड़ी मायूसी देखी गई।

