देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के बाद उत्तराखंड के आवास विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा रुख अपनाया है। आज देहरादून में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल बैठक बुलाई गई। इस बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे PMAY के AHP प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की गई, जिसका सीधा असर हजारों लाभार्थियों पर पड़ने वाला है।
बैठक के दौरान कुछ आवासीय परियोजनाओं की धीमी रफ्तार पर सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। इसके निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वॉर फुटिंग पर काम करने के निर्देश
सचिव आवास ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभार्थियों को समय पर उनका आशियाना उपलब्ध कराना धामी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कई प्रोजेक्ट्स अब अपने अंतिम चरण में हैं। ऐसे में बचे हुए निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए ताकि आवंटियों को जल्द मकानों का कब्जा मिल सके।
15 अगस्त 2026 की डेडलाइन और एक्शन की चेतावनी
सर्च विजिबिलिटी और प्रोजेक्ट की गंभीरता को देखते हुए सभी डेवलपर्स और कार्यदायी संस्थाओं के लिए एक सख्त समयसीमा तय कर दी गई है। सचिव ने निर्देश दिए हैं कि योजना के तहत संचालित सभी आवासीय परियोजनाओं का काम 15 अगस्त 2026 से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय पर काम पूरा नहीं हुआ, तो दोषी डेवलपर्स के खिलाफ एग्रीमेंट की शर्तों के तहत सीधे कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
MDDA धौलास प्रोजेक्ट पर विशेष फोकस
बैठक में सचिव ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को धौलास आवासीय परियोजना को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धौलास प्रोजेक्ट के अंतर्गत आवंटन से जुड़ी जितनी भी औपचारिकताएं और प्रक्रियाएं शेष हैं, उन्हें तुरंत पूरा किया जाए।
सचिव ने भावुक और कड़े लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सिर्फ एक कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह हजारों परिवारों के अपने घर के सपने से जुड़ी भावना है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर पात्र व्यक्ति को समय पर उसका घर मिले।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में दिनेश प्रताप सिंह (संयुक्त मुख्य प्रशासक), धीरेन्द्र रावत (उप सचिव आवास), विनोद कुमार चौहान (अधिशासी अभियंता), सुनील कुमार (अधिशासी अभियंता), आकांक्षा चौहान (सहायक अभियंता), रोहित रंजन (आवास विशेषज्ञ) समेत उत्तराखंड आवास विभाग और तकनीकी टीम के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इसके साथ ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे डेवलपर्स और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद रहे, जिन्हें समय पर काम पूरा करने का अंतिम अल्टीमेटम थमा दिया गया है।

