Uttarakhand: 4419 स्कूलों में बिन इंटरनेट मुंह ताक रहे कंप्यूटर, शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

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देहरादून। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की 2025-26 यूडीआईएसई रिपोर्ट में उत्तराखंड के स्कूलों की खराब स्थिति सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार 4419 स्कूलों में कंप्यूटर तो लगे हैं, लेकिन इंटरनेट कनेक्शन बिल्कुल नहीं है। सरकार कंप्यूटर उपलब्ध कराने के बाद बुनियादी इंटरनेट सुविधा देने में पूरी तरह नाकाम रही है।

राज्य के कुल 22435 स्कूलों में से 20930 में कंप्यूटर उपलब्ध हैं। लेकिन इंटरनेट की सुविधा सिर्फ 16511 स्कूलों तक ही सीमित है। इससे डिजिटल शिक्षा और आधुनिक लर्निंग पर बुरा असर पड़ रहा है। रिपोर्ट में 2655 स्कूलों में एकल शिक्षक व्यवस्था चलने का भी खुलासा हुआ है। इन स्कूलों में एक ही शिक्षक पूरे स्कूल का प्रशासन संभालने के साथ सभी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभा रहा है। इन स्कूलों में 28113 छात्र पढ़ रहे हैं।

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1938 स्कूलों में कंप्यूटर सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। इनमें शैक्षणिक गतिविधियों के लिए उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। राज्य में 21839 स्कूलों में बिजली कनेक्शन है, जबकि 362 स्कूलों में बिजली बंद पड़ी हुई है। उत्तराखंड कई बुनियादी सुविधाओं में हिमाचल प्रदेश से पीछे है। हिमाचल में 97 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में खेल मैदान हैं, जबकि उत्तराखंड में केवल 15 प्रतिशत स्कूलों में यह सुविधा उपलब्ध है।

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कम दाखिलों की समस्या भी गंभीर है। 27.9 प्रतिशत स्कूलों में दस से कम नए छात्र एडमिशन ले रहे हैं। उत्तराखंड इस मामले में देश के टॉप दो राज्यों में शामिल है। 542 स्कूलों में अभी भी छात्रों के लिए अलग शौचालय बनाने बाकी हैं। हालांकि राज्य बुक बैंक स्थापित करने में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट शिक्षा विभाग के लिए बड़े सुधार की चुनौती पेश करती है। बिना इंटरनेट के कंप्यूटर सुविधा व्यर्थ साबित हो रही है।