देहरादून। दून और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब पर्यटन कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सप्ताहांत पर देहरादून के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। वहीं, मसूरी होटल एसोसिएशन के अनुसार खराब मौसम के कारण होटल बुकिंग में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे होटल, रिसॉर्ट, रेस्तरां और पर्यटन से जुड़े कारोबार प्रभावित हुए हैं।
बारिश का सबसे अधिक असर सहस्रधारा, मालदेवता और गुच्चूपानी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर देखने को मिला। जहां सामान्य तौर पर वीकेंड पर स्थानीय और बाहरी पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है, वहीं इस बार लगातार बारिश के कारण अपेक्षित चहल-पहल नहीं दिखी। मौसम की अनिश्चितता के चलते कई लोगों ने अपनी यात्रा योजनाएं भी टाल दीं।
पर्यटकों की संख्या घटने का सीधा असर देहरादून के पर्यटन कारोबार पर पड़ा। होटल, रिसॉर्ट, रेस्तरां और फूड स्टॉल संचालकों का कहना है कि सप्ताहांत उनकी आय का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। लेकिन इस बार खराब मौसम के कारण कारोबार उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा और कई प्रतिष्ठानों में ग्राहकों की संख्या सामान्य से कम रही।
मसूरी में पर्यटन सीजन समाप्ति की ओर बढ़ने के बावजूद यातायात की समस्या बनी रही। रविवार को मसूरी आने और वहां से लौटने वाले वाहनों की अधिक संख्या के कारण दून मार्ग और माल रोड पर जाम की स्थिति बनी रही। इससे पर्यटकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि लगातार खराब मौसम का असर होटल उद्योग पर साफ दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, बारिश के कारण पर्यटकों ने अपनी यात्राएं स्थगित की हैं, जिसके चलते होटल बुकिंग में लगभग 40 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। इसका प्रभाव स्थानीय पर्यटन उद्योग और उससे जुड़े अन्य व्यवसायों पर भी पड़ रहा है।
उधर, ऋषिकेश में रविवार को गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग त्रिवेणीघाट पहुंचे और गंगा में स्नान करते नजर आए। हालांकि मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर लोगों से सतर्क रहने की अपील की और नदी तथा बरसाती नालों के किनारे अनावश्यक रूप से न जाने की सलाह दी।
बारिश के बीच प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई। सुरक्षा के लिहाज से पर्यटकों को नदी और बरसाती नालों के किनारे जाने से रोका गया, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
लगातार बारिश और उत्तराखंड के मानसूनी मौसम का प्रभाव अब केवल पर्यटकों की आवाजाही तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। यदि मौसम की यही स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में देहरादून पर्यटन, मसूरी पर्यटन और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों पर इसका असर और अधिक देखने को मिल सकता है। फिलहाल खराब मौसम के कारण वीकेंड टूरिज्म की रफ्तार धीमी पड़ गई है और पर्यटन कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में कमजोर बना हुआ है।

