MDDA दफ्तर की अनूठी पहल: लागू हुआ ‘कार पूलिंग’ और ‘एक अधिकारी-एक वाहन’ नियम

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देहरादून में पर्यावरण संरक्षण और सरकारी संसाधनों के सदुपयोग की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने एक सराहनीय कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण आह्वान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों का पालन करते हुए एमडीडीए अब पूरी तरह ‘ग्रीन मिशन’ मोड में आ गया है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कार्यालय में तत्काल प्रभाव से ‘ईंधन बचाओ मुहिम’ शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

इस नई कार्ययोजना के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तर आने-जाने के लिए निजी वाहनों के बजाय ‘कार पूलिंग’ अपनाने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, उपाध्यक्ष ने एक आत्मीय अपील की है कि जो कर्मचारी कार्यालय के नजदीक रहते हैं, वे पर्यावरण और स्वास्थ्य के हित में साइकिल का उपयोग करें या पैदल ही दफ्तर आएं, ताकि शहर में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक को कम किया जा सके।

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ईंधन बचत के लिए वाहनों की संख्या में कटौती

ईंधन की भारी खपत को रोकने के लिए एमडीडीए उपाध्यक्ष ने ‘एक अधिकारी, एक वाहन’ के सिद्धांत को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी वाहनों के अनावश्यक उपयोग को कम करना और ईंधन की बचत सुनिश्चित करना है। कार पूलिंग के जरिए न केवल दफ्तर आने वाले वाहनों की संख्या में कमी आएगी, बल्कि इससे सरकारी खर्च पर भी लगाम लगेगी। बंशीधर तिवारी का मानना है कि इन छोटे लेकिन प्रभावी बदलावों से देहरादून की सड़कों पर दबाव कम होगा और यह कदम शहर की आबोहवा को बेहतर बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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ऊर्जा संरक्षण पर विशेष जोर

ईंधन के साथ-साथ प्राधिकरण मुख्यालय में बिजली की बचत के लिए भी कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत कार्यालय में सेंट्रलाइज्ड एसी और अन्य एयर कंडीशनर का उपयोग बेहद सीमित कर दिया गया है। कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अनावश्यक लाइटें, पंखे और कंप्यूटर सिस्टम को बंद रखें ताकि ऊर्जा की बर्बादी न हो। उपाध्यक्ष ने इस पूरी मुहिम को केवल एक सरकारी आदेश न मानकर एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखने का आग्रह किया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सार्वजनिक धन की भी बचत सुनिश्चित हो सके।

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