भारतीय दो प्रमुख एलपीजी टैंकर, ‘एमवी सनशाइन’ और ‘एसवाईएमआई’, होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं। मौजूदा क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना सहित कई महत्वपूर्ण एजेंसियां सक्रिय रूप से सहयोग कर रही हैं। विशेष जानकारी यह है कि यह भारत के लिए रवाना होने वाला 15वां एलपीजी जहाज है, जिसे फारस की खाड़ी के संवेदनशील क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इस पूरे मिशन के दौरान भारतीय नौसेना ने अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और जहाजों को निरंतर सुरक्षा घेरा प्रदान किया है।
तनावपूर्ण क्षेत्र में भारतीय नौसेना की सक्रिय गश्त
होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी जैसे सामरिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में जहाजों की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना पूरी तरह मुस्तैद है। नौसेना के जवान और जहाज इस पूरे क्षेत्र में लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े इन जहाजों को किसी भी संभावित खतरे से बचाया जा सके। नौसेना का यह निरंतर प्रयास न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों पर जहाजों के सुरक्षित आवागमन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

