बाजपुर। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में जिला प्रशासन ने अवैध मदरसों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी नितिन भदौरिया के निर्देश पर एसडीएम ऋचा सिंह ने पुलिस बल के साथ बिना मान्यता चल रहे ‘मदरसा हुज्जतुल इस्लाम’ को पूरी तरह सील कर दिया है।
जांच में सामने आया है कि मदरसे का संचालक मुफ्ती इरशाद सादी मूल रूप से यूपी के रामपुर का निवासी है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा अवैध मदरसों पर की गई सख्ती के बाद आरोपी मुफ्ती ने ठिकाना बदलकर बाजपुर में बिना किसी बोर्ड या पहचान के यह अवैध मदरसा शुरू कर दिया था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक अन्य मदरसा संचालक ने अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में मुफ्ती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह मदरसा सालों से बिना मान्यता के चल रहा है और गरीब बच्चों के नाम पर देश-विदेश से भारी चंदा जुटाया जा रहा है।
एसडीएम ऋचा सिंह ने जब पुलिस टीम के साथ छापेमारी की, तो शुरुआत में बिना बोर्ड के चल रहे इस ठिकाने को खोजना मुश्किल रहा। स्थानीय लोगों की मदद से मौके पर पहुंची टीम ने जब संचालक से दस्तावेज मांगे, तो वह कोई वैध कागजात नहीं दिखा सका। इसके बाद प्रशासन ने रजिस्टर और अन्य दस्तावेज जब्त कर मदरसे को सील कर दिया।

शुरुआती जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मुफ्ती इरशाद सादी ने बच्चों की निशुल्क तालीम के नाम पर मिले चंदे और विदेशी फंडिंग से मदरसे के आसपास करोड़ों रुपये की कीमती संपत्तियां खरीद ली हैं। चूंकि मदरसा पंजीकृत नहीं था, इसलिए इस करोड़ों रुपये का कोई हिसाब-किताब दर्ज नहीं था।
उत्तराखंड शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि देवभूमि में बिना मान्यता और गैर-कानूनी रूप से चल रहे सभी मदरसों को बंद किया जाएगा। सरकार ने पुराना मदरसा बोर्ड समाप्त कर दिया है और अब केवल अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण व उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मॉडर्न मदरसों को ही संचालन की अनुमति दी जा रही है।
जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने एसडीएम बाजपुर को आरोपी मुफ्ती इरशाद सादी के पिछले रिकॉर्ड, बैंक खातों और बेनामी संपत्तियों की गहनता से विस्तृत जांच के सख्त आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

