देहरादून में अवैध गैस रिफिलिंग का भंडाफोड़: आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज

ख़बर शेयर करें

देहरादून के चकराता रोड स्थित यमुना कॉलोनी में एक वाहन के भीतर रसोई गैस की अवैध तरीके से रिफिलिंग करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था, जिसे आधार बनाकर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी कमला रावत ने पुलिस में तहरीर दी। जांच में यह पाया गया कि 9 अप्रैल को एक व्यक्ति वाहन के अंदर असुरक्षित तरीके से गैस भर रहा था, जो कि एक बड़ा सुरक्षा जोखिम हो सकता है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन स्वामी और रिफिलिंग करने वाले हेल्पर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, क्योंकि इस तरह की गतिविधियां न केवल अवैध हैं बल्कि किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती हैं।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में प्रवासियों की घर वापसी: स्वरोजगार के लिए नीतियों में होगा बड़ा बदलाव

जांच के नतीजे और गैस एजेंसी का जुड़ाव

खाद्य विभाग की टीम द्वारा की गई गहन जांच में सामने आया कि संबंधित वाहन दून गैस एजेंसी से जुड़ा हुआ था। विभाग की टीम ने जब एजेंसी का निरीक्षण किया और वहां के मैनेजर हेमा राठौर व गोदाम इंचार्ज लक्ष्मण सिंह नेगी से पूछताछ की, तो पता चला कि वाहन स्वामी का नाम सुमित कुमार है जो डांडीपुर मोहल्ले का निवासी है। वहीं, अवैध रूप से रिफिलिंग करने वाले हेल्पर की पहचान चंद्रबनी निवासी अजय के रूप में हुई है। जांच में यह भी स्पष्ट किया गया कि अजय गैस एजेंसी का अधिकृत डिलीवरी बॉय नहीं है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि यह अवैध नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसमें सुरक्षा मानकों की किस हद तक अनदेखी की गई है।