भारत में तेजी से बढ़ रहे दिल के मरीज, 7 साल में तीन गुना हुई हृदय रोगियों की संख्या

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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की हालिया रिपोर्ट ने देश में स्वास्थ्य को लेकर चिंताजनक तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर आठ में से एक व्यक्ति (लगभग 13%) किसी न किसी बीमारी से पीड़ित है, जिनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि पिछले सात वर्षों में हृदय संबंधी बीमारियों के मामले करीब तीन गुना बढ़ गए हैं। वर्ष 2017-18 में प्रति एक लाख की आबादी पर दिल के मरीजों की संख्या 1,333 थी, जो अब बढ़कर 3,891 तक पहुँच गई है। अब 15 से 29 साल के युवा भी तेजी से दिल की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

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बीमारियों में हृदय रोग की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा

NSO की रिपोर्ट के अनुसार, देश में कुल बीमारियों में हृदय संबंधी रोगों का हिस्सा 25.6 फीसदी है, जो सभी श्रेणियों में सबसे अधिक है। जहाँ एक तरफ संक्रमण से जुड़ी बीमारियों में गिरावट आई है, वहीं दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

युवाओं और बच्चों पर बढ़ता खतरा

चिंता की बात यह है कि अब अस्पताल में भर्ती होने वाले 15 से 29 वर्ष के युवाओं में 3.4 प्रतिशत मामले हृदय रोग से जुड़े हैं। हालांकि, इस आयु वर्ग के युवाओं में संक्रमण और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां भी प्रमुख बनी हुई हैं। वहीं, 0-14 वर्ष के बच्चों में संक्रमण, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं का हिस्सा सबसे बड़ा है।

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उम्र और क्षेत्र के आधार पर बीमारी का ग्राफ

रिपोर्ट दर्शाती है कि उम्र बढ़ने के साथ बीमारियों का जोखिम भी बढ़ता जाता है। 60 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 37.8 प्रतिशत लोग बीमार पाए गए हैं। इसके अलावा, शहरी इलाकों में बीमारी की दर (14.9%) ग्रामीण इलाकों (12.2%) की तुलना में अधिक पाई गई है। लिंग के आधार पर देखा जाए तो पुरुषों (11.8%) की तुलना में महिलाओं (14.4%) में बीमारी की दर अधिक है।

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मधुमेह और हाई बीपी का बढ़ता दायरा

हृदय रोगों के बाद मधुमेह और उच्च रक्तचाप देश के लिए दूसरा सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल हाइपरटेंशन की शिकायत करने वालों की संख्या प्रति एक लाख आबादी पर 3,358 दर्ज की गई है। इसके अलावा सांस की बीमारियाँ और हड्डी-जोड़ संबंधी समस्याओं के मामलों में भी बढ़ोत्तरी देखी गई है।

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