केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सेहत को चौकस है। इधर सूचना मिली उधर प्रशासन ने राहत-बचाव के लिए कमर कसी। बुधवार को खराब मौसम के चलते हेलीपैड पर मौजूद हेलीकॉप्टर एक महिला श्रद्धालु के लिए देवदूत साबित हुआ। दरअसल बाबा केदार के दर्शन को मध्यप्रदेश से आई 59 साल की सुनीता बाई लिंबोदी घोड़े से अचानक गिर गई। लेकिन वो किसी तरह बाबा केदार के दरबार में तो पहुंच गई लेकिन धाम में उनके बाएं घुटने और पैर में तेज दर्द होने लगा, जिससे उन्हें चलने में काफी तकलीफ होने लगी। ऐसे में केदारनाथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात आर्थोपेडिक सर्जन ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रैफर किया गया। मामले कि नजाकत को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया।
हालांकि चारधाम यात्रा की शुरूआत में लाईक, कमेंट वाले तबके ने सहूलियतों को लेकर खूब हो-हल्ला मचाया। जो नहीं कहना चाहिए था वो तक कह दिया. लाईक कमेंट की खातिर किए गए इंतजामो को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होने न तो उत्तराखंड के भूगोल को देखा न उस मौसम को परखा, जो इंतजाम को पुख्ता करने की कोशिशों का कड़ा इम्तिहान ले रहा था। बहरहाल कहते हैं सुबह का भूला अगर शाम को घर लौटे तो उसे भूला नहीं कहते। शुरूआत में जिस एयर लिफ्ट को लेकर कैकई विलाप किया गया वो तब भी मौजूद थी और अब भी जरूरत के वक्त जरूरतमंदों को अपनी सेवा दे रही है।

