क्या आपकी ख्वाहिश है कि आप भी किसी भालू ,बाघ, हिरन या फिर मगरमच्छ को गोद लें… अगर है तो अब ये मुमकिन है देहरादून के चिड़ियाघर में आप एकमुश्त रकम देकर जू में मौजूद किसी भी पशु-पक्षी यहां तक कि सांप को भी गोद ले सकते हैं। अब तक सात लोग जानवरों को गोद ले चुके हैं। वन्यजीव संरक्षण की दिशा में देहरादून जू का एनिमल एडॉप्शन प्रोग्राम में एनिमल लवर की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। दून जू में चीता और हिमालयन ब्लैक बियर पर वन्यजीव प्रेमी दिल खोलकर प्यार और पैसा दोनो लुटा रहे हैं।
जू प्रशासन के मुताबिक वन विभाग का ये कार्यक्रम आम नागरिकों के दिलों में जगह बना रहा है और जनता वन्यजीव संरक्षण में सीधी भागीदारी निभाने को उत्सुक दिखाई दे रही है। जू प्रशासन के मुताबिक बाघ और भालू को 50 हजार रुपये सालाना देकर गोद लिया जा सकता है।
जबकि तेंदुआ 25 हजार, सांप 20 हजार, काकड़ 15 हजार में गोद लिया जा सकता है। चील, गिद्ध, मगरमच्छ और मोर को आप महज 10 हजार रुपए सालाना देकर गोद ले सकते हैं। वहीं चित्तीदार हिरण, तीतर, एमू और कछुआ जैसे छोटे जीवों के लिए पांच हजार रुपये की राशि तय है। जू की वन क्षेत्राधिकारी दीक्षा भट्ट की माने तो गोद लेने वाले को एडॉप्शन सर्टिफिकेट और स्मृति चिह्न देकर हौसला आफजाई की जा रही है। वहीं बाड़े की दीवार पर गोद लेने वाले का नाम भी लिखा जाता है।
वहीं जू में दाखिल होने के लिए फ्री एंट्री पास मिलता है। वहीं आयकर अधिनियम की धारा 80जी के तहत छूट का लाभ भी मिलता है। एक जनवर को कई लोग भी गोद ले सकते हैं। गोद लेने वाले दानदाता से मिले धन का इस्तमाल गोद लिए गए वन्यजीव के भोजन, आवास और स्वास्थ्य देखभाल में किया जाता है। पूरी प्रक्रिया वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में संचालित होती है।

