लश्कर‑ए‑तैयबा का जाली दस्तावेज नेटवर्क भंडाफोड़: आतंकियों के लिए बनते थे फर्जी आधार‑पैन कार्ड

ख़बर शेयर करें

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। यह नेटवर्क आतंकियों को भारत में छिपने और अपनी पहचान बदलने के लिए जाली आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मुहैया करा रहा था। इस मामले में पुलिस ने हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों से संदिग्धों को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया है कि इन फर्जी दस्तावेजों की मदद से आतंकी न केवल देश के भीतर लॉजिस्टिकल मदद ले रहे थे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार करने की भी कोशिश कर रहे थे।

यह भी पढ़ें -  भारत-दक्षिण कोरिया 15 बड़े समझौते: चिप से शिप तक साझेदारी

लश्कर नेटवर्क और गिरफ्तारियां

श्रीनगर पुलिस ने इस ऑपरेशन के तहत सात अप्रैल को लश्कर के एक मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें 16 सालों से फरार चल रहा पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ खुबैब शामिल हैं। पकड़े गए आतंकियों और उनके मददगारों से पूछताछ के बाद ही इस पूरे गिरोह का राज खुला, जो देश के अलग-अलग राज्यों में फैलकर आतंकियों की पहचान छिपाने का काम कर रहा था।

यह भी पढ़ें -  देहरादून में ओला-उबर पर RTO का शिकंजा, निजी वाहनों के लाइसेंस रद्द की चेतावनी!

फर्जी पासपोर्ट और विदेश भागने की साजिश

जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि ‘उमर उर्फ खरगोश’ नाम का एक आतंकी जाली भारतीय पासपोर्ट बनवाकर इंडोनेशिया भागने में सफल रहा। माना जा रहा है कि वह अब खाड़ी के किसी देश में छिपा हुआ है। वह 2012 में पाकिस्तान के कराची से भारत में घुसपैठ करके आया था और उसने 2024 में जयपुर, राजस्थान से फर्जी पासपोर्ट हासिल कर भारत छोड़ दिया था।

यह भी पढ़ें -  सेलाकुई में युवती के साथ नशीला पदार्थ खिलाकर सामूहिक दुष्कर्म, मुकदमा दर्ज

सुरक्षा एजेंसियों का एक्शन

श्रीनगर पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़ी सभी जानकारियां और इनपुट केंद्रीय एजेंसियों व अन्य राज्यों की पुलिस के साथ साझा किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य देश में फैले इस जाली दस्तावेज रैकेट को जड़ से खत्म करना है। पुलिस के अनुसार, ये मददगार आतंकियों को न सिर्फ रहने की जगह दे रहे थे, बल्कि उन्हें आधिकारिक सरकारी पहचान दिलाकर सुरक्षा चक्र में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे थे।

ADVERTISEMENTS Ad