उत्तराखंड के 11 नगर निगमों में संविदा पर तैनात होंगे एक्सपर्ट्स; इतनी होगी सैलरी!

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उत्तराखंड सरकार ने राज्य के नगरीय क्षेत्रों में पर्यावरणीय मानकों को बेहतर बनाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियों से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 11 नगर निगमों में जल्द ही पर्यावरण इंजीनियर और हाइड्रोलॉजिस्ट की नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए शहरी विकास निदेशालय ने आधिकारिक विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित किए हैं।

इस योजना पर इसी साल फरवरी में धामी कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पर्यावरणीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करना है। इच्छुक अभ्यर्थी 23 मई तक राजपुर रोड स्थित निदेशालय में अपने आवेदन भेज सकते हैं। इन नियुक्तियों से न केवल निकायों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि शहरों में स्वच्छता और जल प्रबंधन के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करना भी आसान हो जाएगा।

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विशेषज्ञों की नियुक्ति से होने वाले लाभ और पात्रता के मानक

नगर निगमों में इन विशेषज्ञों की तैनाती से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का वैज्ञानिक और स्थायी निस्तारण संभव हो सकेगा, जिससे शहरी पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव आएगा। यह नियुक्तियां संविदा के आधार पर की जाएंगी, जिसके तहत विशेषज्ञों को 80 हजार से लेकर 1.30 लाख रुपये तक का नियत मानदेय दिया जाएगा।

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पात्रता की बात करें तो आवेदकों के पास रसायन, सिविल, यांत्रिकी, विद्युत या पर्यावरणीय अभियांत्रिकी में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए और उनके पास किसी राजकीय संस्थान में न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव अनिवार्य है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चयन के समय उन अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी जिनके पास शहरी विकास विभाग के कार्यों का अनुभव है। इस पहल के माध्यम से सरकार ‘स्वच्छ वायु कार्यक्रम’ जैसी योजनाओं का विस्तार देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर के साथ-साथ अन्य निगमों में भी प्रभावी ढंग से करने की तैयारी में है।