देहरादून। उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, स्थानीय पुलिस और उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने देहरादून के प्रेमनगर में एक बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को हुई इस छापेमारी में अंतरराज्यीय गिरोह द्वारा चलाई जा रही अवैध नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया।
इस कार्रवाई के दौरान मौके से सिप्ला, सन फार्मा, इंटास, मैकलियोड्स, डॉ. रेड्डीज, लुपिन, मैनकाइंड और जायडस जैसी देश की 8 दिग्गज फार्मा कंपनियों के नाम से तैयार की जा रही नकली दवाओं का भारी जखीरा बरामद हुआ है।
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रेमनगर के देवीपुर, न्यू हाईवे रोड और परवल इलाकों में की गई। इस रेड में उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बनारस और गाजियाबाद की एफडीए टीमों ने भी हिस्सा लिया। मौके से भारी मात्रा में नकली दवाएं, पैकेजिंग मैटेरियल और दवा बनाने की मशीनें जब्त की गई हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि यह अवैध नेटवर्क विनय चमोली के नाम पर दर्ज एक किराए के मकान से चलाया जा रहा था। मकान मालिक के अनुसार, यह परिसर अमित शर्मा नाम के व्यक्ति को किराए पर दिया गया था। फिलहाल पुलिस और औषधि विभाग मकान मालिक, किराएदार और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की जांच कर रहे हैं।
मामले के तार उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों से जुड़े होने के पुख्ता सुराग मिले हैं। यूपी और उत्तराखंड औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीमें अब इस पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।
राज्य औषधि नियंत्रक ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी और नकली दवाओं के कारोबार में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

