देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। मसूरी क्षेत्र-02 के आबकारी निरीक्षक दिवाकर चौधरी के नेतृत्व में आबकारी टीम ने पटेलनगर और सहसपुर थाना क्षेत्रों के कई गांवों में ताबड़तोड़ छापेमारी की।
विभाग की टीम ने शिमला बायपास स्थित ग्राम कारबारी ग्रांट के अलावा सहसपुर क्षेत्र के ग्राम शेरपुर और होरावाला में अचानक दबिश दी। इस दौरान टीम ने मौके से कुल 80 लीटर अवैध कच्ची शराब और विदेशी मदिरा बरामद की। छापेमारी के दौरान आबकारी टीम को जंगलों और गुप्त ठिकानों में अवैध शराब बनाने वाली भट्टी का भी पता चला, जिसे मौके पर ही पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इसके अलावा शराब बनाने के लिए तैयार किए गए लगभग 250 किलोग्राम लहन को भी विभाग की टीम ने मौके पर ही नष्ट कर दिया।
अवैध शराब के इस कारोबार में संलिप्त दो आरोपियों को आबकारी टीम ने मौके से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मीना गुरुंग (पत्नी किशन बहादुर) और जीवन सिंह राणा (पुत्र रूप लाल) के रूप में हुई है। इस पूरी कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत कुल 3 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
कार्रवाई को सफल बनाने में आबकारी टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में शामिल उप आबकारी निरीक्षक विजय कोठियाल, जगमोहन सेठी तथा प्रमुख सिपाही रेणू कुमार, नौशाद अली, प्रियंका और शालिनी रावत ने अपनी ड्युटी का पूरी मुस्तैदी से निर्वहन करते हुए इस अवैध कारोबार पर शिकंजा कसा।
आबकारी विभाग ने साफ किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, तस्करी और बिक्री के खिलाफ यह विशेष चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे अवैध धंधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

