रुद्रपुर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में रुद्रपुर के कथित भड़काऊ भाषण वीडियो मामले पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब धमकी और तुष्टीकरण का दौर खत्म हो चुका है और डेमोग्राफिक बदलाव पर चुप रहने का जमाना अब चला गया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि राज्य सरकार संविधान और कानून के तहत काम कर रही है और भड़काऊ बयानबाजी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ प्रशासन सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।
लोहियाहेड में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि उस सोच और विचारधारा की बात कर रहे हैं जो भारतीय संविधान को नहीं मानती और अतिक्रमण को बढ़ावा देती है। सीएम ने कहा कि अब वह दौर बीत चुका है जब कुछ लोग धमकियां देकर दबाव बनाते थे और वोटों की खातिर उनका तुष्टीकरण किया जाता था। पहले की सरकारों में ऐसे कब्जों को बर्दाश्त किया जाता था और डेमोग्राफिक बदलाव पर कोई खुलकर बात नहीं करता था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश में अब कानून का राज स्थापित हुआ है और वर्तमान राज्य सरकार पूरी तरह संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप काम कर रही है। रुद्रपुर में वायरल हुए भड़काऊ वीडियो पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा बयान देने वाले व्यक्ति को प्रशासन हर हाल में ढूंढेगा और उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य में अवैध कब्जों के खिलाफ जारी एक्शन का ब्यौरा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी है। सरकार की इसी सख्ती के चलते अब तक राज्य भर में 13,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है।
मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान के बाद राज्य पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है। पुलिस ने रुद्रपुर मामले से जुड़े भड़काऊ वीडियो की जांच और आरोपी की तलाश तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से साफ संदेश गया है कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था, अतिक्रमण और तुष्टीकरण के मामलों पर राज्य सरकार ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर ही आगे बढ़ेगी।

