देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित स्वर्गीय हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेनि) भुवन चंद्र खंडूड़ी की याद में एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और संत समाज ने उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री धामी ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बी.सी. खंडूड़ी ने सामाजिक और राजनीतिक जीवन में उच्च पदों पर रहने के बावजूद कभी भी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं किया। उन्होंने खंडूड़ी जी को एक अनुशासित सैनिक, दूरदर्शी प्रशासक और आदर्श जनप्रतिनिधि के रूप में याद किया, जिन्होंने उत्तराखंड के ‘विकास पुरुष’ के रूप में अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। इस गरिमामयी सभा में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, तीरथ सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी और स्वामी रामदेव समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सीमांत क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान
भारतीय सेना में रहते हुए मेजर जनरल बी.सी. खंडूड़ी का योगदान देश के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण रहा है। उन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस, कुशल नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया था। सेना के इंजीनियरिंग विंग में रहते हुए उन्होंने देश के सीमांत क्षेत्रों के विकास और वहां के आधारभूत ढांचे के निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश और समाज के प्रति उनका यह अनुशासित और निष्ठावान सामाजिक जीवन आज भी युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत है।

संत समाज ने भी किया नमन
इस श्रद्धांजलि सभा में राजनीतिक हस्तियों के साथ-साथ संत समाज ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और पूर्व मुख्यमंत्री को नमन किया। शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज सहित कई पूज्य संतों ने उनके कार्यों की सराहना की।
इनके अलावा निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी, जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज और हंस फाउंडेशन के संस्थापक भोले महाराज सहित अन्य प्रमुख संतों ने भी स्व. बी.सी. खंडूड़ी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


