चमोली में विकास कार्यों के लिए ₹74.23 करोड़ का बजट मंजूरी,लोनिवि को मिला सबसे बड़ा हिस्सा

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उत्तराखंड के जनपद चमोली के समग्र विकास को गति देने के लिए कलेक्ट्री सभागार में जिला योजना समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री तथा जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने की। बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 74 करोड़ 23 लाख 70 हजार रुपये की वार्षिक जिला योजना को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।

प्रभारी मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास योजनाओं को क्लस्टर आधारित तरीके से लागू किया जाए ताकि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके। इस बैठक में जिला योजना से जुड़े विभिन्न विभागों जैसे लोनिवि, पेयजल, कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और युवा कल्याण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

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बुनियादी ढांचे के लिए बंपर बजट

इस जिला योजना के तहत सबसे अधिक प्राथमिकता बुनियादी ढांचे के विकास को दी गई है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा बजट आवंटित किया गया है। विभाग को सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए 6.25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

इसके अलावा, क्षेत्र में पानी की किल्लत को दूर करने और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राजकीय सिंचाई विभाग को 5.80 करोड़ रुपये, पेयजल संस्थान को 5.20 करोड़ रुपये तथा पेयजल निगम को 2.40 करोड़ रुपये का परिव्यय मंजूर किया गया है। साथ ही, क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग को 5.10 करोड़ रुपये और प्रादेशिक विकास दल के लिए 4.70 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

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कृषि, बागवानी और शिक्षा क्षेत्र को मिला मजबूत संबल

जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खेती-किसानी और शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए भी भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है। इसके तहत कृषि विभाग के लिए 4.80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिसका उपयोग किसानों को सशक्त बनाने में किया जाएगा। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाते हुए प्रारंभिक शिक्षा के लिए 4.30 करोड़ रुपये तथा माध्यमिक शिक्षा के लिए 4.25 करोड़ रुपये समेत अन्य कई विभागों के बजट प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।

कीवी क्लस्टर और पशुपालन को बढ़ावा देने के निर्देश

बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कृषि और बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दी जानी चाहिए और जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए चैन लिंक फेंसिंग के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। उद्यान विभाग को निर्देश दिए गए कि वे जिले में कीवी उत्पादन के बड़े क्लस्टर विकसित करें और उनकी बेहतर मार्केटिंग व पैकेजिंग व्यवस्था सुनिश्चित करें।

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इसके साथ ही उन्होंने पशुपालन को पहाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेम चेंजर’ बताते हुए इसे ऑर्गेनिक फार्मिंग और रोजगार सृजन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में कर्णप्रयाग के विधायक अनिल नौटियाल, थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा, दर्जाधारी हरक सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह समेत कई अन्य गणमान्य प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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