जौनपुर ब्लॉक के ग्रामीणों का बड़ा फैसला, बाहरी लोगों को जमीन बेचने पर लगाई पूरी तरह रोक

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उत्तराखंड के नई टिहरी जिले के जौनपुर ब्लॉक से भू-कानून और संसाधनों के संरक्षण को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। जौनपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले मोलधार, बंगसील, बुरकोट, तेवा, ओंतड़ और ठिक्क सहित कई गांवों के ग्रामीणों ने एक संयुक्त बैठक का आयोजन कर क्षेत्र की जमीनों को बाहरी लोगों को न बेचने का एक सामूहिक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

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ग्राम पंचायत मोलधार के प्रधान गजेंद्र रतूड़ी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में ग्रामीणों ने क्षेत्र में जमीनों की लगातार बढ़ती अंधाधुंध खरीद-फरोख्त पर गहरी चिंता व्यक्त की। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रसिद्ध पर्यटन स्थल देवलसारी के नजदीक होने के कारण कुछ स्थानीय जमीन दलाल बाहरी खरीदारों के साथ मिलकर भोले-भाले ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर उनकी कीमती कृषि भूमि को औने-पौने दामों में खरीद रहे हैं।

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इसके बाद इन जमीनों पर बड़े-बड़े होटल और कॉटेज का निर्माण कर गांव के पारंपरिक जलस्रोतों तथा अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है। यही नहीं, देहरादून के एक व्यवसायी पर गांव की मुख्य पेयजल लाइन पर कब्जा करने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है।

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ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन से मांग की है कि भू-माफियाओं और अधिकारियों की मिलीभगत से कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलकर उसे व्यावसायिक श्रेणी में करने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि गांवों की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर सुरक्षित रह सके।

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