उत्तराखंड के सभी सरकारी स्कूलों को मुफ्त मिलेगी ‘गतिविधि किट’, 1 लाख बच्चों को मिलेगा बड़ा फायदा

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उत्तराखंड के बच्चों में इनोवेशन और खोज आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देहरादून में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। SCERT और भारतीय विज्ञान एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान पुणे के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को रटने की पुरानी पद्धति से दूर ले जाना और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना है।

इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के लगभग एक लाख से अधिक बच्चों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे उनकी शिक्षा के स्तर में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

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शिक्षकों और छात्रों में रचनात्मकता को बढ़ावा

राज्य समन्वयक अवनीश उनियाल के अनुसार, इस कार्यशाला का मूल उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों दोनों के भीतर रचनात्मकता और नवाचार की भावना को जागृत करना है। इसी क्रम में अब तक तीन हजार से अधिक शिक्षकों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया जा चुका है, जो आगे चलकर बच्चों को उनके दैनिक जीवन के व्यावहारिक उदाहरणों की मदद से विज्ञान और गणित जैसे कठिन विषयों को बेहद सरल तरीके से सिखाएंगे। निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल ने इस बात पर जोर दिया कि यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम गणित और विज्ञान के शिक्षण को एक नया और आधुनिक आयाम प्रदान करेगा।

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सभी स्कूलों को मुफ्त गतिविधि किट का वितरण

इस शैक्षणिक पहल को धरातल पर पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए राज्य के सभी विद्यालयों को एक-एक गतिविधि किट मुफ्त में उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि बच्चे केवल किताबों तक सीमित न रहकर व्यावहारिक रूप से प्रयोग करके सीख सकें।

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इस महत्वपूर्ण कार्यशाला के दौरान शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक के.एन. बिजल्वाण, ऊषा कटियार और संदीप बिष्ट सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद मुख्य रूप से मौजूद रहे और इस नवाचार को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।