भारत में 29 मई से शुरू हो रहा दुनिया का पहला बारिश आधारित कारोबारी सूचकांक ‘रेनमुंबई’

ख़बर शेयर करें

नई दिल्ली से राम नरसिंहदेव सहगल की इस वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में अब तक सेंसेक्स, निफ्टी, सोना, चांदी और कच्चे तेल पर ट्रेडिंग के बाद अब निवेशक मॉनसून और बारिश की गतिविधियों पर भी दांव लगा सकेंगे। देश में आगामी 29 मई से नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज द्वारा दुनिया का पहला बारिश आधारित कारोबारी सूचकांक ‘रेनमुंबई’ शुरू होने जा रहा है।

इस अनोखे और नए सूचकांक के माध्यम से खुदरा व बड़े निवेशक, बिजली कंपनियां और एग्रो-प्रोसेसिंग कंपनियां दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान 29 मई से 30 सितंबर तक बारिश के कम या ज्यादा होने के पूर्वानुमान पर ट्रेडिंग कर सकेंगी। वैश्विक स्तर पर यह अपनी तरह का पहला अनूठा प्रयोग है, जो न केवल निवेशकों को कमाई का एक नया जरिया देगा, बल्कि मौसम के उतार-चढ़ाव से जुड़े व्यावसायिक जोखिमों को कम करने में भी मदद करेगा।

यह भी पढ़ें -  देहरादून रेलवे स्टेशन पर 'नो-रूम': 15 जून तक पैक हुईं लंबी दूरी की ट्रेनें, कुंभ एक्सप्रेस में बुकिंग बंद

इस तरह काम करेगी ट्रेडिंग और मुनाफे की व्यवस्था

इस नए कारोबारी सूचकांक की कार्यप्रणाली पूरी तरह से मौसम विभाग (IMD) द्वारा जून से सितंबर के बीच जारी किए जाने वाले सामान्य बारिश के औसत आंकड़ों पर आधारित होगी। यदि किसी निवेशक को लगता है कि जून महीने में औसत से कम बारिश होगी, तो वह इस सूचकांक से जुड़ा हुआ अनुबंध बेच सकता है, और इसके विपरीत अधिक बारिश की उम्मीद होने पर वह इसे खरीद सकता है।

यह भी पढ़ें -  अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए चयनित शिक्षकों को जल्द मिलेगी तैनाती: 8 और 9 जून को होगी काउंसलिंग

यदि निवेशक द्वारा लगाया गया बारिश का अनुमान पूरी तरह सटीक बैठता है, तो उसे बाजार के नियमों के अनुसार मोटा मुनाफा मिलेगा; वहीं सौदों के नफे-नुकसान का अंतिम फैसला महीने के आखिरी दिन मौसम विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक बारिश के आंकड़ों को आधार मानकर तय किया जाएगा।

वैश्विक वित्तीय बाजार में भारत का अनोखा प्रयोग

एनसीडीईएक्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण रस्ते के अनुसार, वैश्विक कमोडिटी बाजार के इतिहास में यह दुनिया का पहला रैनफॉल इंडेक्स है। हालांकि, अमेरिका के शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गर्मी और अत्यधिक बर्फबारी के पूर्वानुमानों पर वायदा अनुबंध पहले से उपलब्ध हैं, लेकिन विशुद्ध रूप से बारिश के आंकड़ों को आधार बनाकर ट्रेडिंग की शुरुआत करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया है। इस कदम से भारतीय वित्तीय बाजार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान मिलेगी।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें -  23 मई को खुलेंगे श्री हेमकुंड साहिब के कपाट; 'जो बोले सो निहाल' के जयघोष के साथ पहला जत्था रवाना
Ad Ad Ad