किसे मिलेगा “तरूश्री” सम्मान और कैसे मिलेगा, पढ़िए खबर..

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देश में पचास से ज्यादा ऐसे शहर हैं जो लगातार गर्म हो रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड के सरकारी स्कूल ऐसी पहल कर रहे हैं जिनका नतीजा आने वाले कल में बेहतरीन होगा ऐसी उम्मीद जताई जा रही है। दरअसल उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों के लिए ‘तरुश्री’ सम्मान योजना शुरू की है।

इसमें स्कूल पर्यावरण बचाकर 1 लाख रुपये तक का इनाम जीत सकते हैं। जबकि ग्रुप लीडर छात्र या छात्रा का हौसला पांच हजार रुपए की नकद धनराशि देकर बढ़ाया जा सकता है। योजना का मकसद स्कूली बच्चो को स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण और जैवविविधता के काम को बढ़ावा देना और उसके असल माएने सामझाना है। ताकि स्कूली बच्चे कुदरत के दिए अनमोल तोहफों जल,जंगल और जमीन की अहमियत समझ सकें। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि प्राथमिक से लेकर इंटर कॉलेज तक के सरकारी स्कूल इस योजना में हिस्सा ले सकते हैं।

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“तरुश्री” सम्मान के लिए पिछले 5 साल के पर्यावरण क्षेत्र में किए गए काम को मानक बनाया गया है। जिसमें बेहतरी काम करने वाले 3 स्कूलों को चुना जाएगा। हर विजेता स्कूल को 1 लाख रुपये की सम्मान राशि मिलेगी। वहीं एक शैक्षणिक सत्र में सबसे ज्यादा पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने वाले छात्र ग्रुप लीडर को 5000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

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हालांकि स्कूल को मिले एक लाख रुपए को स्कूल के विज्ञान क्लब या इको क्लब के बैंक खाते में जमा की जाएगी. विभाग ने साफ किया है कि इस पैसे को आने वाले दिनो में पर्यावरण सहेजने पर ही खर्च किया जाएगा। मसलन स्कूल पेड़ लगा सकता है, नर्सरी बनाने, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, या कचरा प्रबंधन जैसे पर्यावरण से जुड़े कामों पर खर्च कर सकता है। ताकि कुदरत तनाव में न रहे और हम साफ हवा-पानी के साथ सुकून से जी सकें।

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बताया जा रहा है कि इच्छुक स्कूल 10 जुलाई 2026 तक अपने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में “तरूश्री” खिताब के लिए आवेदन कर सकते हैं। चयन में वृक्षारोपण, जल संरक्षण, वेस्ट मैनेजमेंट और छात्रों की भागीदारी को आधार बनाया जाएगा।
वैसे देखा जाए तो इस तरह की पहल की ऐसे दौर में सख्त जरूरत है जब विकास के नाम पर जल,जंगल जमीन पर संकट मंटरा रहा हो और पैंकिजिंग उद्योग बाजार में बेहिसाब कचरा परोस रहा हो।

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