उत्तराखंड वोटर लिस्ट फ्रीज: विशेष पुनरीक्षण के बाद ही बन पाएंगे नए मतदाता

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उत्तराखंड में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को पूरी तरह से फ्रीज कर दिया है, जिसके कारण राज्य में फिलहाल न तो नए वोटर आईडी कार्ड बनाए जा सकते हैं और न ही मौजूदा सूची से किसी का नाम हटाया जा सकता है। यह रोक राज्य में शुरू हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के कारण लगाई गई है, जो आगामी 29 मई से शुरू होने जा रहा है।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार, एसएसआईआर की प्रक्रिया के दौरान चुनावी डेटाबेस केवल ‘रीड ओनली’ मोड में रहेगा, जिससे कोई भी नया नाम लाइव नहीं दिखेगा।

हालांकि, आम जनता इस अवधि के दौरान नए वोटर बनने या सुधार के लिए आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से जमा करना जारी रख सकती है, लेकिन इन आवेदनों पर वास्तविक कार्यवाही और बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन का काम 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही दोबारा शुरू किया जा सकेगा।

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इन कामों पर 15 सितंबर तक लगी अस्थाई रोक

मतदाता सूची फ्रीज होने के कारण राज्य में कई महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रियाओं को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। सामान्य दिनों में वोटर हेल्पलाइन ऐप या एनवीएसपी पोर्टल के जरिए फॉर्म-6, फॉर्म-7 या फॉर्म-8 भरकर नाम जोड़ने, कटवाने या संशोधन करने के जो आवेदन किए जाते हैं, उनकी आगे की प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है।

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इसके साथ ही, बीएलओ और निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के स्तर पर आवेदनों को स्वीकृत या अस्वीकृत करने का नियमित काम भी बंद रहेगा। इस दौरान नए वोटर आईडी कार्ड्स की प्रिंटिंग और उनकी डिलीवरी को भी रोक दिया गया है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई मतदाता एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरित हुआ है, तो वह भी इस फ्रीज अवधि के दौरान अपने पते में तुरंत बदलाव या ट्रांसफर नहीं करा पाएगा।

SIR के तहत घर-घर जाकर होगा सत्यापन

इस पूरी पाबंदी की मुख्य वजह राज्य में आयोजित होने वाला विशेष गहन पुनरीक्षण (एसएसआईआर) अभियान है, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा इसके लिए प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण पहले ही दिया जा चुका है, जबकि जिला स्तर पर यह प्रशिक्षण सात जून तक पूरा कर लिया जाएगा।

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इसके ठीक बाद, 8 जून से 7 जुलाई के बीच बीएलओ घर-घर जाकर एसएसआईआर का गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और उसे मतदाताओं से भरवाकर वापस जमा करेंगे। इस पूरी गहन जांच और शुद्धिकरण की प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद, 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा, जिसके तुरंत बाद ही नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और कार्ड प्रिंटिंग जैसे सभी रुके हुए कार्य दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो जाएंगे।