देहरादून। उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के तेजी से बढ़ते मामलों ने राज्य स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। प्रदेश में इस जानलेवा संक्रमण से अब तक 5 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि कुल संक्रमितों का आंकड़ा 31 से उछलकर 49 पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जान गंवाने वाले पांचों मरीज पहले से ही दूसरी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे, जिनमें अकेले देहरादून जिले से 34 मरीज सामने आए हैं।
देश भर में दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और केरल जैसे राज्यों में भी स्वाइन फ्लू के मामले लगातार दर्ज किए जा रहे हैं। इसी बीच उत्तराखंड में 1 अगस्त से अब तक 49 लोगों में एच1एन1 वायरस की पुष्टि होने के बाद प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के राज्य सर्विलांस अधिकारी डॉ. पंकज ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में माइक्रो लेवल पर स्क्रीनिंग का काम तेज कर दिया गया है।
संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए जिलों में चार सदस्यीय रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें विशेषज्ञ डॉक्टर और फिजिशियन शामिल हैं। यह टीम प्रभावित इलाकों में पहुंचकर संदिग्ध मरीजों की जांच कर रही है। इसके साथ ही, विभाग संक्रमित व्यक्तियों की पिछले 10 से 15 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री खंगाल रहा है और उनके सीधे संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान कर उनकी एच1एन1 जांच कराई जा रही है।
स्वास्थ्य प्रशासन का विशेष जोर को-मॉर्बिड स्थिति वाले मरीजों की देखभाल पर है। देहरादून में मामलों की सबसे अधिक संख्या को देखते हुए दून के सीएमओ डॉ. मनोज कुमार को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। डॉ. शर्मा के अनुसार, शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, सांस की तकलीफ और दिल की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि वायरस ऐसे मरीजों के लिए सबसे ज्यादा घातक साबित हो रहा है।
संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने तत्काल आइसोलेशन को जरूरी बताया है। एम्स ऋषिकेश के इंटरनल मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अखिलेश कुमार ने कहा कि बुखार, ठंड लगना, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, नाक बहना, उल्टी और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत मेडिकल जांच करानी चाहिए। मरीज और उसके संपर्क में आए लोगों को बिना देरी किए खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए।
उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने बताया कि राज्य में इन्फ्लूएंजा एच1एन1 वायरस से निपटने के लिए सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को विस्तृत एडवाइजरी जारी कर दी गई है। उन्होंने आम जनता से न घबराने की अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद और तैयार है।

