अमेरिका-ईरान जंग तेज: होर्मुज बंद होने की आशंका, अमेरिका ने ईरान के 140 ठिकानों पर हमला

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दुबई। होर्मुज जलडमरूमध्य में पोत पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के 140 ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। ईरान ने बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान, जॉर्डन और यूएई को निशाना बनाने की धमकी दी है। इस घटनाक्रम से क्षेत्र में जंग फिर शुरू होने और महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य बंद होने की आशंका गहरा गई है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगेसेथ ने कहा कि ईरान ने गलत विकल्प चुना है। हमलों के बाद ईरान-ओमान के बीच होर्मुज को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया। इससे पहले ईरान ने जवाबी कार्रवाई की थी, जिसके बाद अमेरिका ने सख्त एक्शन लिया।

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एकतरफा समझौतों का दौर अब खत्म हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि हकीकत अब दरवाजे पर दस्तक दे रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को होर्मुज पोत आवागमन पर चिंता जताई। ट्रंप ने कहा कि यह जलमार्ग दुनिया के 20 प्रतिशत कच्चे तेल और एलएनजी व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने ईरान के साथ चल रहे विवाद पर अमेरिकी सेना की तैयारियों का जिक्र भी किया।

भारत ने पोत पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। नई दिल्ली ने ओमान के पास वाणिज्यिक पोत पर हमले की घटना पर गहरी चिंता जताई। हमले में 11 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि एक भारतीय सदस्य अब भी लापता है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि हमलों में ईरान के मिसाइल-ड्रोन प्रक्षेपण स्थल, पोत बांध, संचार उपकरण और निगरानी बोट शामिल थे। ईरान का कहना है कि होर्मुज अमली सूचना तक बंद रहेगा। क्षेत्रीय तनाव के बीच तेल कीमतों में उछाल आने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज बंद हुआ तो वैश्विक तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होगी।

तीसरे दौर के हमलों में ईरान ने एक सप्ताह के अंदर 300 ठिकानों को निशाना बनाया। जवाबी कार्रवाई में कई देशों को धमकी दी गई है। भारत ने रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चा तेल खरीदना जारी रखा है। जून में रूस से आयात पिछले महीने की तुलना में 34 प्रतिशत बढ़ा है।

नई दिल्ली में महंगाई को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। जून में खुदरा महंगाई फिर से बढ़ने का अनुमान है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल और खाद्य पदार्थों की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। इस पूरे घटनाक्रम से मध्यपूर्व में अस्थिरता बढ़ गई है। कई देश इस तनाव पर करीबी नजर रखे हुए हैं।

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