उत्तराखंड में डिजिटल भवन स्व-गणना का आज अंतिम दिन, कल से शुरू होगा घर-घर सर्वे

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उत्तराखंड में डिजिटल माध्यम से चल रही मकान स्व-गणना की प्रक्रिया आज, शुक्रवार को समाप्त हो रही है। प्रदेश में अब तक लगभग 56 हजार लोगों ने खुद ऑनलाइन माध्यम से अपने मकानों का विवरण दर्ज किया है, जिन्हें विभाग द्वारा ‘एसआई आईडी’ भी जारी कर दी गई है। इसके बाद, शनिवार यानी 25 अप्रैल से जनगणना विभाग की टीमें पूरे प्रदेश में घर-घर जाकर डेटा जुटाने का काम शुरू करेंगी।

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प्रगणकों की टीम और सर्वे की प्रक्रिया

कल से शुरू होने वाले दूसरे चरण के लिए जनगणना निदेशालय ने पूरी तैयारी कर ली है। प्रदेश भर में 30,839 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें 4,491 सुपरवाइजर और 26,348 प्रगणक शामिल हैं। यह टीमें 24 मई तक सक्रिय रहेंगी। इनका मुख्य काम हर घर जाकर मकानों का सूचीकरण करना और गणना कार्य को पूरा करना है।

स्व-गणना करने वालों के लिए वेरिफिकेशन

जिन लोगों ने पहले ही डिजिटल पोर्टल के माध्यम से अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। प्रगणक उनके घर भी पहुंचेंगे, लेकिन वहां वे केवल उनकी ‘एसआई आईडी’ मांगेंगे। इस आईडी को सिस्टम में चेक करने के बाद, मौके पर ही विवरण का सत्यापन किया जाएगा और डेटा को अंतिम रूप से फीड कर दिया जाएगा।

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नई गणना के लिए पूछे जाएंगे सवाल

ऐसे परिवार जिन्होंने अभी तक अपनी स्व-गणना नहीं की है, उन्हें प्रगणकों द्वारा पूछे जाने वाले 33 सवालों के जवाब देने होंगे। इन सवालों के आधार पर ही उनके भवन की गणना की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।

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जिलों के अनुसार स्व-गणना के आंकड़े

अब तक राज्य के विभिन्न जिलों में हजारों लोगों ने उत्साह दिखाया है। मुख्य जिलों के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:

  • नैनीताल: 8,255
  • हरिद्वार: 6,410
  • उधमसिंह नगर: 5,471
  • देहरादून: 9,627
  • अल्मोड़ा: 4,294
  • पिथौरागढ़: 2,963
  • चमोली: 2,510
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