देहरादून। देश में पेपर लीक और बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इन गंभीर मुद्दों को लेकर 17 जुलाई को उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ अभियान में देशभर के छात्रों से शामिल होने का बड़ा आह्वान किया है। नई दिल्ली से जारी इस अपील में उन्होंने साफ कहा कि अब वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए एक बड़े जन आंदोलन की जरूरत है।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मौजूदा सिस्टम पर तीखा प्रहार किया है। राहुल गांधी ने लिखा कि देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में न तो छात्रों की दिन-रात की मेहनत का कोई सम्मान बचा है और न ही उनके भविष्य और सपनों की कोई सुरक्षा रह गई है।
व्यवस्था पर सीधा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने युवाओं का दर्द साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का हाल यह है कि युवा तैयारी करें तो उन्हें पेपर लीक मिलता है, हक के लिए सवाल पूछें तो उन पर सीधे देश-विरोधी होने का दाग लगा दिया जाता है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी युवाओं को न तो अच्छी शिक्षा मिल रही है और न ही सम्मानजनक रोजगार।
राहुल गांधी ने देश की इस बदहाल शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदलने पर जोर दिया है। इसे ‘शिक्षा क्रांति’ का नाम देते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब छात्रों को अपने अधिकारों के लिए खुद खड़ा होना होगा और इस महत्वपूर्ण मुहिम का हिस्सा बनना होगा।
इसी संकल्प के साथ कांग्रेस नेता ने युवाओं और छात्रों से अपील की है कि वे आगामी 17 जुलाई को देहरादून में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ अभियान में भारी संख्या में पहुंचें। उन्होंने कहा कि छात्र इस बड़े आंदोलन में शामिल होकर अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें, ताकि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ रोका जा सके।

