पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद इलाके में एक बड़ी घटना सामने आई है, जहाँ पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित संगठन ‘अल बद्र’ के कमांडर हमजा बुरहान की अज्ञात हमलावरों ने एक कॉलेज के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों की गोलीबारी में वह मौके पर ही ढेर हो गया, जिसे पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
23 वर्षीय यह आतंकी, जिसका असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ डॉक्टर था, मूल रूप से पुलवामा के रलीपोरा का रहने वाला था और साल 2017 में उच्च शिक्षा के बहाने पाकिस्तान जाकर आतंकी संगठन में शामिल हो गया था। भारत सरकार ने उसकी खतरनाक गतिविधियों को देखते हुए वर्ष 2022 में उसे आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया था। वह दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और पुलवामा से शोपियां तक आतंकी नेटवर्क फैलाने का मुख्य आरोपी था।
बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी था हमजा
हमजा बुरहान लंबे समय से पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में सक्रिय था और उसे घाटी के कुख्यात आतंकियों जैसे बुरहान वानी और जाकिर मूसा का बेहद करीबी माना जाता था। इसके अलावा उसके संबंध अबू दुजाना और अबू कासिम जैसे शीर्ष आतंकियों से भी थे।
गौरतलब है कि बुरहान वानी साल 2016 में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था, जिसके बाद कश्मीर में लंबे समय तक हिंसा भड़की थी, और उसके बाद हिजबुल कमांडर बना जाकिर मूसा भी साल 2019 में एक एनकाउंटर में ढेर हो गया था। हमजा इन सभी प्रमुख चेहरों के साथ मिलकर भारत विरोधी साजिशें रचने में शामिल रहा था।
हाल के वर्षों में वांछित आतंकियों का खात्मा
हाल के वर्षों में पाकिस्तान के भीतर अज्ञात बंदूकधारियों की गोलीबारी में भारत के 20 से अधिक वांछित आतंकवादी मारे जा चुके हैं, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के शीर्ष कमांडर शामिल हैं। हाल ही में मारे गए इन आतंकियों में फैजल नदीम उर्फ अबू कताल, रहीम उल्लाह तारिक, अकरम गाजी और ख्वाजा शाहिद जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो भारत में कई बड़े हमलों के जिम्मेदार थे।

