पीएम मोदी का छोटा कदम, बड़ा सबक…. पुस्तक विमोचन का रिबन जेब में रख कर दिया स्वच्छ भारत का संदेश…

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देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को देशभर में एक जनआंदोलन का रूप देने में उनकी व्यक्तिगत पहल और आदतों का भी बड़ा योगदान रहा है। यह बात एक बार फिर उस समय देखने को मिली जब प्रधानमंत्री मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान छोटी-सी बात से बड़ा संदेश दे दिया। दरअसल, देहरादून में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने किताब से हटाए गए रिबन और रैपिंग शीट को मंच पर फेंकने के बजाय उसे सावधानी से मोड़कर अपनी जेब में रख लिया। प्रधानमंत्री का यह छोटा-सा कदम वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

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कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों और गणमान्य व्यक्तियों ने प्रधानमंत्री की इस आदत को देखकर सराहना की और कहा कि यही व्यवहार “स्वच्छ भारत मिशन” की असली भावना को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा से कहा है कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी है, जिसे हर नागरिक को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

प्रधानमंत्री के इस व्यवहार से यह स्पष्ट संदेश गया कि स्वच्छता केवल सड़कों या सार्वजनिक स्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी सोच और आदतों में भी झलकनी चाहिए। उन्होंने अपने इस छोटे से कदम के जरिए यह दिखाया कि cleanliness begins with self — यानी सफाई की शुरुआत खुद से होती है।

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कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रधानमंत्री का यह वीडियो वायरल हो गया। लोग उनकी इस आदत की सराहना करते हुए कहने लगे कि मोदी न केवल भाषणों में स्वच्छता की बात करते हैं बल्कि उसे अपने व्यवहार से भी प्रदर्शित करते हैं। कुछ यूजर्स ने लिखा कि “यही फर्क है एक नेता और आदर्श नेता में”।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य देश को खुले में शौच से मुक्त कराना और स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाना था। आज यह मिशन हर गांव, शहर और संस्थान तक पहुंच चुका है।

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प्रधानमंत्री का यह छोटा-सा कदम फिर एक बार साबित करता है कि यदि नेतृत्व स्वयं अनुशासित और जिम्मेदार हो, तो उसका असर समाज के हर व्यक्ति पर पड़ता है। मोदी का यह सादा लेकिन प्रभावशाली व्यवहार एक संदेश है कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा है।

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