ऊर्जा निगम का नया फरमान, अब कर्मचारियों को ऑफिस में ही करना होगा लंच

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने के लिए की गई विशेष अपील के बाद देहरादून में ऊर्जा निगम मैनेजमेंट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। इस नई व्यवस्था के तहत ऊर्जा निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की गई है कि वे अब दोपहर के भोजन के समय घर जाने के बजाय कार्यालय परिसर में ही रहकर अपना लंच करें, ताकि वाहनों में लगने वाले ईंधन की अनावश्यक बर्बादी को रोका जा सके।

इसके साथ ही कार्यालयों में बिजली की खपत को नियंत्रित करने के लिए एयर कंडीशनर को 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर ही चलाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। ऊर्जा निगम के अधिशासी निदेशक राशिद जिलानी मलिक की ओर से जारी इस आधिकारिक गाइडलाइन का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा और ईंधन के संसाधनों का सही संरक्षण करना है।

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बिजली बचत के लिए कड़े निर्देश

ऊर्जा निगम ने न केवल दफ्तरों के भीतर बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी ऊर्जा संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय लागू करने को कहा है। जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कार्यालयों में किसी भी तरह की अनावश्यक रोशनी और सजावटी लाइटिंग पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जाए ताकि बिजली की बचत की जा सके।

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इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों को दैनिक आवाजाही के लिए अपने निजी वाहनों के स्थान पर अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी गई है। पर्यावरण और ईंधन दोनों की भलाई को देखते हुए गाइडलाइन में कारपूलिंग करने या साइकिल से दफ्तर आने-जाने को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील

दिशानिर्देशों के एक अन्य मुख्य हिस्से में ऊर्जा निगम के सभी छोटे-बड़े कर्मचारियों और अधिकारियों को फिलहाल गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से पूरी तरह बचने का परामर्श दिया गया है। मैनेजमेंट का मानना है कि इस समय अंतरराष्ट्रीय दौरों पर भारी खर्च करने के बजाय देश के भीतर ही पर्यटन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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कर्मचारियों से कहा गया है कि वे अपनी छुट्टियों के दौरान घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दें, जिससे न केवल देश के भीतर ईंधन और संसाधनों का सही संतुलन बना रहेगा बल्कि हमारे अपने देश का घरेलू पर्यटन बाजार भी काफी मजबूत होगा।

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