पॉलिटेक्निक हॉस्टलों की खराब हालत पर भड़के मंत्री धन सिंह रावत, अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार

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उत्तराखंड के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शासकीय आवास पर तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए एक बड़ा फैसला किया है। उन्होंने बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट में जल्द से जल्द नियमित कुलसचिव की नियुक्ति करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

इसके लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग के निदेशक को एक सप्ताह के भीतर कुलसचिव पद की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी करने को कहा गया है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि कॉलेज में नियमित कुलसचिव न होने के कारण बहुत से प्रशासनिक कार्य रुके हुए हैं और इस प्रशासनिक व्यवधान का सीधा खामियाजा वहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है, जिसे अब तुरंत दुरुस्त किया जाएगा।

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बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के विभिन्न पॉलिटेक्निक कॉलेजों के छात्रावासों की वर्तमान स्थिति का भी बारीकी से जायजा लिया। कई हॉस्टलों में आवश्यक मरम्मत और नवीनीकरण का कार्य लंबे समय से लंबित होने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आदेश दिया।

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उन्होंने अधिकारियों से साफ तौर पर कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हर जिले में मॉडल पॉलिटेक्निक संस्थान का विकास

शिक्षा मंत्री ने युवाओं के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पॉलिटेक्निक संस्थानों में खेल मैदानों के विकास, खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है।

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इसके अलावा, बैठक में प्रदेश के हर जिले में कम से कम एक-एक ‘मॉडल पॉलिटेक्निक संस्थान’ विकसित करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने तथा विभागों में खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द भरने के निर्देश भी दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा, तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर, तकनीकी शिक्षा निदेशक देशराज और उप सचिव व्योमकेश दुबे सहित कई वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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