देहरादून। उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम में दीपावली के पावन पर्व को लेकर बेहद भव्य और अलौकिक तैयारियां की गई हैं। दीपोत्सव के इस विशेष अवसर पर बाबा केदारनाथ के पूरे दरबार और मंदिर परिसर को लगभग 18 से 20 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है।
केदारनाथ धाम में फूलों की यह भव्य सजावट यहां पहुंचे देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। धाम की दिव्यता देखते ही बन रही है और पूरा परिसर रोशनी व फूलों की महक से सराबोर है। इसी बीच, शीतकालीन प्रवास की परंपराओं के अनुसार धाम के क्षेत्रपाल और रक्षक भगवान भुकुंड भैरवनाथ मंदिर के कपाट वैदिक विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। परंपरा के मुताबिक, मुख्य केदारनाथ कपाट बंद होने से पहले भैरवनाथ के कपाट बंद किए जाते हैं।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य डॉ. विनीत चंद्र पोस्ती ने बताया कि कपाट बंद होने के इस अवसर पर स्थानीय हक-हकूकधारी, तीर्थ पुरोहित, मंदिर समिति के अधिकारी और प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। भगवान भैरवनाथ के कपाट बंद होने के साथ ही अब मुख्य श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने की धार्मिक प्रक्रिया भी विधिवत शुरू हो गई है। तय कार्यक्रम के अनुसार, आगामी 11 नवंबर को शुभ मुहूर्त में बाबा केदारनाथ के कपाट बंद किए जाएंगे।
इस पावन अवसर पर मंदिर समिति के सदस्य डॉ. पोस्ती ने सभी श्रद्धालुओं से धाम पहुंचकर दीप प्रज्वलित करने और दीपोत्सव को पूरी श्रद्धा के साथ मनाने की अपील की है। साथ ही उन्होंने मंदिर की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने का भी आग्रह किया है।

