देहरादून। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित देहरादून दौरे को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने इस दौरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि गृह मंत्री का यह दौरा उत्तराखंड की जनता के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक हितों को साधने के लिए हो रहा है।
हरीश रावत ने गृह मंत्री के दौरे के समय पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के ऐन मौके पर जहां प्रशासन का पूरा ध्यान आम जनता को सुविधाएं देने पर होना चाहिए, वहीं पूरा सरकारी अमला सिर्फ वीआईपी मूवमेंट और प्रोटोकॉल के इंतजाम में जुटा हुआ है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने धनतेरस के शहर की यातायात व्यवस्था और स्थानीय कारोबारियों की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि धनतेरस के दिन बाजारों में खरीदारी के लिए आम लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में यदि सुरक्षा के नाम पर सड़कें बंद की गईं या रूट डायवर्ट किए गए, तो पूरा शहर जाम की चपेट में आ जाएगा और इसका सीधा नुकसान व्यापारियों को भुगतना पड़ेगा।
हरीश रावत ने कारोबारियों के हक में आवाज उठाते हुए कहा कि धनतेरस साल का वह मौका होता है जब छोटे-बड़े व्यापारी अच्छे व्यापार की उम्मीद रखते हैं। अगर ट्रैफिक पाबंदियों के चलते ग्राहक दुकानों तक पहुंच ही नहीं पाएंगे, तो व्यापारियों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब त्योहार पर ही व्यापारियों को कारोबार करने और धन कमाने का मौका नहीं मिलेगा, तो वे अपना गुजारा कैसे करेंगे।
सियासी हमले के साथ-साथ हरीश रावत ने राज्य के चर्चित भू-घोटाले के मुद्दे पर भी कांग्रेस की आगे की रणनीति साफ कर दी। उन्होंने बताया कि इस कथित भूमि घोटाले को लेकर पार्टी चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा और मामले की निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की मांग उठाएगा।

