हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में एक बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहाँ एक फार्मा कंपनी के अधिकारी नीरज कुमार को ऑनलाइन शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का झांसा देकर 1.45 करोड़ रुपये ठग लिए गए। ठगों ने सोशल मीडिया के जरिए पीड़ित से संपर्क किया और उन्हें एक फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए निवेश करने के लिए राजी किया। जब पीड़ित ने अपनी जमा पूंजी निकालने की कोशिश की और असफल रहे, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। सिडकुल थाना पुलिस और साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
ठगी की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई, जब पीड़ित ने फेसबुक पर शेयर बाजार में निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन देखा। उस पर क्लिक करते ही उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। जालसाजों ने खुद को प्रतिष्ठित निवेश सलाहकार बताया और पीड़ित को ‘नियो कोट प्रो’ (Niyo Kote Pro) नामक एक ऐप डाउनलोड करवाया। शुरुआत में ऐप पर फर्जी तरीके से बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया गया, जिससे पीड़ित का भरोसा जीत लिया गया।
लाखों की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर
विश्वास जीतने के बाद, आरोपियों ने पीड़ित को विशेष शेयर और आईपीओ (IPO) में निवेश करने के नाम पर बड़ी धनराशि जमा करने के लिए उकसाया। पीड़ित ने भरोसा करते हुए ठगों द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.45 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। यह प्रक्रिया लगातार चलती रही और पीड़ित को लगा कि उनका निवेश सुरक्षित है और बढ़ रहा है।
पैसे निकालने पर खुला राज
धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब नीरज कुमार ने अपनी निवेश की गई राशि और मुनाफे को बैंक खाते में निकालने (Withdrawal) का प्रयास किया। ऐप से निकासी संभव नहीं हो पाई और जल्द ही आरोपियों ने उनसे संपर्क तोड़ दिया। ठगी का पता चलते ही पीड़ित ने तुरंत पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी अजय शाह के मुताबिक, पुलिस अब उन बैंक खातों और डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही है जिनके जरिए यह सारा खेल रचा गया।

