कॉर्बेट टाइगर रिजर्व घोटाला: हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, देहरादून CBI कोर्ट ट्रांसफर हुए विजिलेंस के मुकदमे

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नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हुए बहुचर्चित अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट के जस्टिस सिद्धार्थ शाह की एकलपीठ ने सीबीआई की याचिका स्वीकार करते हुए हल्द्वानी कोर्ट में लंबित विजिलेंस के दो आपराधिक मुकदमों को देहरादून स्थित विशेष सीबीआई अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि सीबीआई इस पूरे मामले में विस्तृत जांच पूरी कर देहरादून की अधिसूचित सीबीआई अदालत में पहले ही अपनी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ऐसे में हल्द्वानी की स्पेशल जज अदालत में समानांतर सुनवाई जारी रहने से क्षेत्राधिकार का टकराव और तकनीकी विसंगतियाँ पैदा हो सकती थीं। इसलिए निष्पक्ष और सुचारू सुनवाई के लिए मामलों को देहरादून स्थानांतरित करना आवश्यक था।

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हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब विजिलेंस द्वारा दर्ज दो प्रमुख मुकदमों मिसलेनियस क्रिमिनल केस नंबर 01/2023 और केस नंबर 22/2023 की सुनवाई देहरादून सीबीआई कोर्ट में एक साथ होगी। ये दोनों मामले विजिलेंस एस्टैब्लिशमेंट हल्द्वानी द्वारा वर्ष 2022 में दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़े हुए हैं।

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सीबीआई की चार्जशीट में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के तत्कालीन डायरेक्टर सहित आठ अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। इनमें रामनगर नैनीताल के तत्कालीन डायरेक्टर राहुल, कालागढ़ टाइगर रिजर्व के तत्कालीन उप वन संरक्षक किशन चंद और तत्कालीन डीएफओ अखिलेश तिवारी मुख्य रूप से नामजद हैं। इन वरिष्ठ अधिकारियों पर रिजर्व क्षेत्र में वित्तीय अनियमितताओं और पेड़ों के अवैध कटान के गंभीर आरोप हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा इस घोटाले में पाखरो और सोनानंदी रेंज के तत्कालीन फील्ड स्टाफ को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें रेंजर बृज बिहारी शर्मा, डिप्टी रेंजर मथुरा सिंह मवाड़ी, फॉरेस्टर सुरेंद्र सिंह, वन आरक्षी संदीप आर्य और दैनिक वेतनभोगी वायरलेस ऑपरेटर राजेश रावत शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हैं।

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उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए इस आदेश के बाद अब हल्द्वानी अदालत से सभी केस रिकॉर्ड्स तत्काल देहरादून सीबीआई कोर्ट को भेजे जा रहे हैं। देहरादून स्थित विशेष सीबीआई अदालत में इन सभी मुकदमों की एक साथ निष्पक्ष सुनवाई शुरू होगी।

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