देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सीमांत जिले पिथौरागढ़ को ₹284 करोड़ से अधिक की लागत वाली 67 विकास योजनाओं की सौगात दी। भव्य समारोह में हुए इन लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रमों से क्षेत्र की सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए प्रतिबद्ध है। इन बुनियादी योजनाओं के धरातल पर उतरने से सीमांत जनपद की जीवनशैली और अर्थव्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ के नैनीसैनी हवाई अड्डे को लगभग ₹450 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने का बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से मुनस्यारी, हल्द्वानी, दिल्ली और देहरादून तक हवाई सेवाओं के विस्तार से कनेक्टिविटी काफी बेहतर हुई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने डीडीहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला चिकित्सालय और मवानी अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की घोषणा की। साथ ही ₹750 करोड़ से अधिक की लागत से बने पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी।

शिक्षा और सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में मूनाकोट में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना और अस्कोट लिफ्ट पेयजल योजना को मंजूरी दी गई। इसके अलावा नैनीसैनी देवत से कनारी पाभैं मोटर मार्ग और कैलीगाड़ पुल से बेस अस्पताल तक सड़क का डामरीकरण व सुधारीकरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदि कैलाश भ्रमण के बाद क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ा है। इस वर्ष आदि कैलाश यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 1 लाख पार होने की संभावना है, जिससे स्थानीय होमस्टे, परिवहन और हस्तशिल्प कारोबारियों को सीधे रोजगार मिल रहा है।

क्षेत्र में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए पिथौरागढ़–बांस–आंवलाघाट सड़क और पुल के निर्माण की बात कही गई, जिससे प्रसिद्ध हाट कालिका मंदिर और गंगोलीहाट की दूरी काफी कम हो जाएगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्गों और प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यकरण की घोषणाएं भी की गईं।

स्वरोजगार को बढ़ावा देते हुए कार्यक्रम में उद्योग, कृषि, उद्यान, पशुपालन और मत्स्य विभाग की योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को ₹1 करोड़ से अधिक के चेक बांटे गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता के साथ प्रधानमंत्री मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम भी सुना।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कड़े नकल विरोधी कानून के चलते नकल माफियाओं पर लगाम लगी है और 100 से ज्यादा दोषी जेल में हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।

समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने सीमांत सेवा फाउंडेशन द्वारा संचालित सीमांत नेत्र चिकित्सालय में आधुनिक ‘ऑप्टिकल बायोमीटर’ मशीन का शुभारंभ किया। इस सुविधा के शुरू होने से अब सीमांत क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही आंखों के आधुनिक इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल, गंगोलीहाट विधायक फकीर राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, पिथौरागढ़ मेयर कल्पना देवलाल, डीएम आशीष कुमार भटगांई और एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

