देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणी और प्रदेशवासियों के खिलाफ दिए गए बयानों पर विपक्षी दलों के खिलाफ जोरदार हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि सत्ता से बाहर रहने की बौखलाहट में विपक्ष अपना मानसिक संतुलन पूरी तरह खो चुका है। उन्होंने साफ किया कि सार्वजनिक जीवन में संस्कार और मर्यादा को तार-तार करने के लिए विपक्षी नेताओं को देश और राज्य की जनता से तुरंत माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी इंडिया गठबंधन में शामिल कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भी सीधा सवाल किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इस तरह की अमर्यादित भाषा पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। सीएम ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि विपक्षी दलों का गठबंधन उन्हें ही मुबारक रहे, लेकिन उत्तराखंड के लोग किसी भी मजबूरी में अपने मान-सम्मान और स्वाभिमान के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं करेंगे।
उत्तराखंड को देवभूमि और राष्ट्रवादियों की धरती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के लोग व्यक्तिगत और ओछी राजनीति को कभी समर्थन नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन देश के प्रधानमंत्री के परिवार और किसी राज्य की जनता पर इस तरह की अभद्र टिप्पणियां करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के बिल्कुल खिलाफ है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक तथ्यों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आज उत्तराखंड के लोगों पर अनर्गल बयानबाज़ी कर रहे हैं, जबकि इतिहास इस बात का गवाह है कि उनके पिता मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में ही उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे निहत्थे आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाई गई थीं।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा, मसूरी और खटीमा में हुए गोलीकांड के जख्म आज भी उत्तराखंड के लोगों के दिलों में हरे हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि के लोगों ने उस बर्बरता और दमनकारी नीतियों का सामना करते हुए इस राज्य को हासिल किया है। ऐसे में आज वही लोग जब उत्तराखंड के स्वाभिमान पर सवाल उठाते हैं, तो यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड एक स्वाभिमानी, वीर और राष्ट्रवादी प्रदेश है। यहां की जनता अपने अधिकारों, अपनी संस्कृति और अपने इतिहास की रक्षा करना अच्छी तरह जानती है। विपक्षी दलों द्वारा की जा रही अमर्यादित बयानबाजी उनकी हताशा को दर्शाती है, जिसे प्रदेश की देवतुल्य जनता भली-भांति देख और समझ रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री धामी के इस आक्रामक रुख ने विपक्ष को रक्षात्मक मुद्रा में ला खड़ा किया है। देवभूमि के स्वाभिमान और रामपुर तिराहा जैसे भावुक राजनीतिक मुद्दों को उठाकर सरकार ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रहित और राज्य के सम्मान के खिलाफ किसी भी टिप्पणी का करारा जवाब दिया जाएगा।

