देहरादून/ऋषिकेश। उत्तराखंड में अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए आबकारी विभाग लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में ऋषिकेश क्षेत्र में आबकारी विभाग और जनपदीय प्रवर्तन टीम देहरादून ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त प्रेरणा बिष्ट के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र से 20 पेटी अवैध शराब बरामद की गई, जबकि दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध शराब की बिक्री और भंडारण की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त प्रेरणा बिष्ट ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद आबकारी निरीक्षक जयबीर सिंह और प्रवर्तन दल की टीम ने टिहरी बस अड्डा, चंद्रेश्वर नगर, जाटव बस्ती सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया।
अभियान के दौरान मुखबिर की सटीक सूचना पर चंद्रेश्वर नगर में एक मकान पर दबिश दी गई। टीम ने जब घर की तलाशी ली तो वहां भारी मात्रा में अवैध शराब का भंडारण मिला। मौके से कुल 20 पेटी शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे अन्य स्थानों से शराब लाकर शहर में अवैध रूप से बेचने का कार्य करते थे। इसके बाद दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सौरभ पासवान पुत्र रामअदुल पासवान तथा अमित पुत्र हरिनाथ राजभर, निवासी चंद्रेश्वर नगर के रूप में हुई है।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि लगातार की जा रही सख्त कार्रवाई से अवैध शराब तस्करी और बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त प्रेरणा बिष्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अवैध शराब के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है तथा अवैध शराब के भंडारण, बिक्री और तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों को किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
प्रेरणा बिष्ट ने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री, भंडारण या तस्करी की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल आबकारी विभाग को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
इस सफल अभियान में उप आबकारी निरीक्षक पान सिंह राणा, आशीष प्रकाश, अर्जुन सिंह, प्रधान आबकारी सिपाही राकेश सिंह, गोविंद सिंह, हेमंत सिंह तथा आबकारी सिपाही अंकित कुमार, आशीष चौहान, रेशमा, सोनम दामिनी सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ऋषिकेश में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि प्रेरणा बिष्ट के नेतृत्व में आबकारी विभाग अवैध शराब के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रहा है और तस्करों पर लगातार शिकंजा कस रहा है।

