उत्तराखंड में अवैध अतिक्रमण पर ‘जीरो टॉलरेंस’, महापौर की सख्ती से 6 एकड़ भूमि खाली

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उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिहं धामी के निर्देशानुसार अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर प्रशासन की पीले पंजे वाली कार्रवाई लगातार जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गत वर्ष ही स्पष्ट शब्दों में कहा था कि राज्य में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण और अतिक्रमण मान्य नहीं होगा और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीती अपनाते हुए जाति-धर्म को परे रखकर निष्पक्षता से वैधानिक कार्रवाई करी जाएगी। इसी क्रम में शनिवार की तड़के सुबह कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम ने गंगापुर रोड स्थित शैलजा फार्म के पास अवैध अतिक्रमण के ध्वस्तिकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने करीब 6 एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया।

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जनहितकारी कार्यों में उपयोग होगी कब्जामुक्त भूमि


उक्त कार्रवाई के दौरान कई वर्षों से झोपड़ी डालकर रह रहे और विरोध कर रहे बाबा बालक राम को पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया, ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था भंग की स्थिति न बने। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जारी रही, वहीं ठंड और कोहरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन और नगर निगम की ओर से चार स्थानों पर अलाव जलाए गए। मौके पर मौजूद महापौर ने पूरी कार्रवाई का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धार्मिक स्थल की आड़ में सरकारी भूमि पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं भविष्य में कब्जा मुक्त भूमि पर दोबारा कब्जा न होने पाए इसके लिए प्रशासन ने मुक्त कराई गई भूमि के चारों ओर टीन सेड की घेराबंदी कर पूरे क्षेत्र की कड़ी निगरानी शुरु कर दी है। प्रशासन ने साफ किया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा और मुक्त कराई गई भूमि का उपयोग जनहितकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा।