उत्तराखंड की ‘मित्र पुलिस’ को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और बेहतर पुलिसिंग के लिए देश के सर्वोच्च सम्मानों में से एक ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ (President’s Police Colour) से नवाजा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया और पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ को व्यक्तिगत रूप से मिलकर बधाई दी। यह सम्मान उत्तराखंड पुलिस को देश के उन चुनिंदा पुलिस बलों की श्रेणी में खड़ा करता है जिन्होंने सुरक्षा और सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट मानक स्थापित किए हैं।
कठोर जांच और मूल्यांकन के बाद मिला सम्मान
राष्ट्रपति पुलिस कलर का सम्मान इतनी आसानी से नहीं मिलता। इसके लिए पुलिस बल का कई कड़े पैमानों पर परीक्षण किया जाता है। इसमें कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की गहराई से जांच की जाती है। साथ ही, तकनीकी नवाचार और साइबर अपराध को रोकने के लिए किए गए प्रयासों को भी इस मूल्यांकन का आधार बनाया गया है।
क्या है ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ का महत्व?
इस सम्मान को ‘निशान’ के नाम से भी जाना जाता है। यह किसी भी पुलिस बल के लिए गौरव और अदम्य साहस का प्रतीक है। सम्मान के तौर पर मिलने वाले विशेष ‘बैज’ को पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपनी वर्दी पर धारण करते हैं, जो उनकी विशिष्ट सेवा को दर्शाता है। जानकारी के अनुसार, यह प्रतिष्ठित सम्मान केवल उन्हीं पुलिस बलों को दिया जाता है जो कम से कम 15 वर्ष पुराने हों और जिनका ट्रैक रिकॉर्ड बेदाग और उत्कृष्ट रहा हो।
मुख्यमंत्री और डीजीपी का संदेश
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह सम्मान न केवल एक उपलब्धि है, बल्कि उत्तराखंड पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना का जीवित प्रमाण है। वहीं, डीजीपी दीपम सेठ ने इस सफलता का श्रेय पूरी फोर्स की मेहनत को दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस सम्मान की जानकारी देते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

