मध्य पूर्व एशिया में जंग के बीच जब तक एलपीजी गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हो जाती तब तक उत्तराखंड सरकार अपने स्तर से एलपीजी गैस आपूर्ति को सामान्य करने की जद्दोजहद में जुटी है। ताकि माहौल पैनिक न हो।जंग में तेजी को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने वेट एंड वॉच का फॉर्मूला अपनाते हुए कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक लगा दी थी। लेकिन अब सरकार ने रहमदिली दिखाते हुए एसओपी जारी कर व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर के वितरण को हरी झंडी दे दी है।आपको बता दें कि जारी एसओपी के मुताबिक व्यवसायिक प्रतिष्ठानो को उनकी रोज की जरूरत का बीस फीसदी एलपीजी कोटा अनिवार्य रूप से दिया जाएगा। बहरहाल आज से राज्य के होटल व्यवासियों के बुझ चुकी भट्टियां फिर से सुलग उठेंगी। हालांकि उनकी आंच कुछ धीमी होगी लेकिन डूबते को तिनके का सहारा वाले अंदाज में उनकी रोजी रोटी चलती रहेगी।माना जा रहा है कि 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चार धाम यात्रा को लेकर सूबे की सरकार ने ये बड़ा कदम उठाया है। राज्य के खाद्य सचिव के मुताबिक नई व्यवस्था के तहत कॉमर्शियल सिलेंडर के लिए प्राथमिकता क्षेत्र तय किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत आपूर्ति की जिम्मेदारी तीनो प्रमुख तेल कंपनियों BPCL,IOC,HPCL को उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुरूप सौंपी गई है। सभी कंपनियों को इस आदेश क पालन सख्ती से करना होगा। ताकि राज्य के भीतर होटल कारोबारी भी राहत की सांस ले सकें। बहरहाल सरकार के इस फैसले तारीफ होनी चाहिए और सभी होटल कारोबारियों को थैंक्यू कहना चाहिए. क्योंकि देखा जाए तो हालातों के मद्देनेजर शुक्रिया तो बनता ही है।
उत्तराखंड सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडर पर रोक हटाई, एसओपी जारी, बुझी भट्टियां फिर से सुलगेंगी
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