उत्तराखंड में एक बार फिर महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाने वाली घटना सामने आई है। खबर हल्द्वानी से है जहां देर रात राह चलते मनचलों ने एक युवती और उसके मुंहबोले भाई का पीछा कर उनके साथ मारपीट करी और युवती अपने मुंहबोले भाई संग जान बचाने के लिए शहर की सड़कों पर भागती रही। विडंबना की बात यह है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान महिला सुरक्षा का दावा ठोंकने वाली दायित्वधारी पुलिस मौजूद नहीं मिली।
दरअसल, कोतवाली क्षेत्र निवासी एक युवक की बहन का सोमवार को जन्मदिन था, जहां पार्टी में बहन की सहेलियां भी पहुंची थी। इसमें रामपुर रोड निवासी एक युवती भी थी, जिसे युवक अपनी बहन की तरह ही मानता है। रात में देरी होने पर युवक उसे अपनी बाइक से घर छोड़ने के लिए निकल पड़ा।
जैसे ही युवक-युवती मिनी स्टेडियम के समीप पहुंचे तो एकाएक युवक-युवती को पीछे से हूटर की आवाज सुनाई पड़ी। युवक को लगा की पीछे शायद कोई पुलिस का वाहन आ रहा है लिहाजा उसने अपनी बाइक को किनारे कर लिया। लेकिन हूटर की आवाज करीब आने पर ज्ञात हुआ कि वह पुलिस वाहन नहीं बल्कि बुलेट सवार दो युवक बाइक में अवैध तरीके से लगाए हूटर को बजा रहे थे। इसके बाद बुलेट सवार युवक ने युवक-युवती द्वारा घूरने की बात कहते हुए बदतमीजी शुरू कर दी।
देर रात सड़कों पर भागती रही युवती
इसके बाद पीड़िता युवती ने किसी तरह चलती बाइक से अपने परिवार को फोन कर मदद मांगी। वहीं मनचलों से बचने के लिए वह बरेली रोड पर जाकर छुप गई। यहां स्वजन के पहुंचने के बाद ही दहशत का दौर खत्म हुआ।
हालांकि, भले ही पुलिस ने तहरीर के आधार पर दो लोगों के विरुद्ध छेड़खानी, मारपीट, गाली-गलौज और गाड़ी क्षतिग्रस्त करने को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर ली हो लेकिन इस प्रकार की घटनाएं निरंतर सुरक्षा व्यवस्था की नींव को झकझोर रही है।

