उत्तराखंड के लिए साल 2027 बेहद खास होने वाला है, जहां एक ओर 2027 विधानसभा चुनाव का चुनावी बिगुल बजेगा तो वहीं धर्मनगरी हरिद्वार के घाटों पर भव्य कुंभ आयोजन में आस्था का सैलाब देखने को मिलेगा। 2027 विधानसभा चुनाव के चुनावी रण और कुंभ आयोजन के लिए राज्य सरकार ने अपनी कमर कस ली है। वहीं इसी बीच एक मुद्दा ऐसा भी है जिसने प्रदेश राजनीति का तापमान एक बार फिर बढ़ा दिया है। दरअसल, कुंभ 2027 में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने के मुद्दे ने अब तूल पकड़ लिया है, जिसे लेकर विपक्ष ने भी राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर मचा सियासी घमासान
कांग्रेस ने सत्ताधारी दल भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ऐसे सांप्रदायिक वक्तव्य देकर अन्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर समाज को धार्मिक आधार पर बांटने की राजनीति कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार साल के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार ने इन चार सालों में मात्र जिहाद, मदरसा, मजार और बुलडोजर की राजनीति के अलावा कुछ नहीं किया। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जनता के गुस्से से घिरी भाजपा अब कुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों को विवाद का केंद्र बनाकर ध्रुवीकरण करना चाहती है।


