आबकारी आयुक्त के निर्देश पर महकमा अलर्ट मोड में, नववर्ष आयोजनों पर विभाग का विशेष प्रवर्तन अभियान तेज….

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देहरादून। नववर्ष 2026 के अवसर पर उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और नववर्ष समारोहों में शामिल होने वाले लोगों की सुविधा, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। आबकारी आयुक्त, उत्तराखंड देहरादून की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार नववर्ष आयोजनों के मद्देनज़र प्रदेश में अस्थायी रूप से बड़ी संख्या में वन-डे बार लाइसेंस जारी किए गए हैं।
आबकारी विभाग द्वारा 24 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक नियमों के तहत प्रदेश में कुल 208 वन-डे (एक दिवसीय) बार लाइसेंस स्वीकृत किए गए हैं। इनमें देहरादून जनपद में 61, हरिद्वार में 17, नैनीताल में 92, टिहरी गढ़वाल में 15, उधमसिंहनगर में 11 तथा पौड़ी गढ़वाल में 4 लाइसेंस जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा एफएल-6, सी/7 और सी/7ए श्रेणी के बार अनुज्ञापनों का संचालन भी नियमानुसार किया जा रहा है।
आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पर्यटकों की सुविधा के साथ-साथ शांति व्यवस्था, कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सभी बार अनुज्ञापी यह सुनिश्चित करेंगे कि “डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव” का कड़ाई से पालन कराया जाए। शांति व्यवस्था के उल्लंघन या अवैध ढंग से मदिरा परोसने की स्थिति में आयोजकों एवं उपभोक्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार अर्थदंड के साथ-साथ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
प्रेस नोट में यह भी कहा गया है कि सभी मदिरा दुकानों और बार अनुज्ञापनों में पार्किंग की समुचित व्यवस्था अनिवार्य होगी, ताकि यातायात व्यवस्था बाधित न हो। नववर्ष के दौरान देर रात तक बारों के शांतिपूर्ण संचालन के लिए आबकारी स्टाफ पूरी तरह मुस्तैद रहेगा। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही आबकारी विभाग द्वारा ओवर रेटिंग की शिकायतों को लेकर विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। अवैध मदिरा की तस्करी, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के लिए संयुक्त आबकारी आयुक्त, उप आबकारी आयुक्त, सहायक आबकारी आयुक्त और मंडलीय प्रवर्तन दलों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश की अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आबकारी चेक पोस्टों पर लगातार सघन चेकिंग अभियान जारी है।
आबकारी आयुक्त ने बताया कि विभाग अवैध और नकली शराब के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंहनगर सहित सीमावर्ती जिलों में विशेष अभियान चलाकर शराब तस्करी पर अंकुश लगाया जा रहा है, जिससे आबकारी राजस्व के साथ-साथ जनस्वास्थ्य को भी सुरक्षित किया जा सके।